डिजिटल डेस्क- नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया, लेकिन इस बार बजट से ज्यादा चर्चा उनकी भगवा पगड़ी को लेकर हुई। जैसे ही मुख्यमंत्री सदन में भगवा पगड़ी पहनकर पहुंचे, राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर बहस छिड़ गई। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे सीधा-सीधा पंजाब की राजनीति से जोड़ते हुए सैनी पर निशाना साधा। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सैनी को हरियाणा से ज्यादा दिलचस्पी पंजाब की राजनीति में है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सिर्फ पहनावा बदलने से कोई नेता जनता का विश्वास नहीं जीत सकता। पगड़ी पहन लेने या पारंपरिक कपड़े धारण कर लेने से राजनीतिक जमीन मजबूत नहीं होती।” राजा वारिंग ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से सैनी हरियाणा की अपेक्षा पंजाब में अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि सैनी पंजाब में अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता तलाश रहे हैं और संभव है कि भविष्य में यहां से चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहे हों। कांग्रेस का दावा है कि भगवा पगड़ी का संदेश सीधे तौर पर पंजाब की सिख और ग्रामीण वोट बैंक को साधने की कोशिश है।
ट्रूडो से तुलना, पंजाब में बढ़ती सक्रियता पर उठे सवाल
राजा वारिंग ने सैनी की तुलना कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से करते हुए कहा कि “जैसे विदेशों में कभी-कभी पारंपरिक परिधान पहनकर सांकेतिक संदेश देने की कोशिश की जाती है, वैसे ही यहां भी राजनीतिक संकेत देने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि जनता अब प्रतीकों से नहीं, ठोस काम से प्रभावित होती है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी नायब सिंह सैनी को सौंपी है। पिछले कुछ महीनों से वे लगातार पंजाब का दौरा कर रहे हैं, पार्टी बैठकों और जनसभाओं में हिस्सा ले रहे हैं। वे प्रतिद्वंद्वी दलों के नेताओं को भाजपा में शामिल करा रहे हैं और राज्य की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। इसके साथ ही कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेने से नहीं चूक रहे।
2027 के चुनावों की तैयारी में जुटी भाजपा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा अभी से रणनीति बनाने में जुटी है। राज्य में फिलहाल आम आदमी पार्टी सत्ता में है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। भाजपा की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती रही है, ऐसे में पार्टी इस बार आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति तक सैनी की अहम भूमिका हो सकती है। ऐसे में उनका पंजाब में बढ़ता दखल और भगवा पगड़ी जैसे प्रतीकात्मक कदम आने वाले चुनावी समीकरणों की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि भाजपा की ओर से इसे सामान्य सांस्कृतिक परंपरा बताया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहा है।