अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर पर हजारों लोग सड़कों पर, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी

डिजिटल डेस्क- ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी और इजरायली हमले में हुई मौत की खबर ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर में जबरदस्त उबाल पैदा कर दिया है। रविवार को जिले के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में शिया समुदाय के पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे थे, जबकि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। शहर के ऐतिहासिक कल्लू इमामबाड़ा पर हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। यहां माहौल बेहद गमगीन लेकिन जोशीला नजर आया। भीड़ से एक ही आवाज गूंज रही थी “तुम एक हुसैनी मारोगे, हर घर से एक और हुसैनी निकलेगा।” प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शहादत से आंदोलन खत्म नहीं होगा, बल्कि और भी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने खामेनेई को ‘शहीद’ बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कई स्थानों पर सामूहिक दुआ और मातमी कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस खबर का असर समुदाय के हर वर्ग पर पड़ा है।

धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद का तीखा बयान

मशहूर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला’ करार दिया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अयातुल्ला खामेनेई हमेशा शहादत की दुआ करते थे और वे जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं। उनके अनुसार, शहादत इस्लाम में सबसे बड़ा मर्तबा है और खामेनेई का खून व्यर्थ नहीं जाएगा। मौलाना ने कहा, “शहीद के खून का हर कतरा इंकलाब पैदा करता है, जिसमें जालिम डूब जाते हैं।” उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने खामेनेई को शहीद नहीं किया, बल्कि अपने ही ‘डेथ वारंट’ पर दस्तखत किए हैं।

तीन दिन का शोक, बाजार बंद रखने की अपील

मौलाना कल्बे जवाद ने पूरे देश के शिया समुदाय से तीन दिवसीय शोक मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने अपील की कि लोग स्वेच्छा से अपनी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखें। साथ ही पूरे देश में एक ही समय पर शोक सभाएं और कैंडल मार्च आयोजित किए जाएं। घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराने की भी अपील की गई है। जौनपुर में बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कल्लू इमामबाड़ा और अन्य संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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