डिजिटल डेस्क- जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद भारतीय सेना ने तत्काल फायरिंग की। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, ड्रोन को डिगवार सेक्टर में एलओसी के नजदीक कई मिनट तक मंडराते हुए देखा गया, जिसके बाद सेना ने एहतियातन करीब एक दर्जन राउंड फायर किए। सूत्रों का कहना है कि ड्रोन की गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। फायरिंग के बाद ड्रोन के गिरने या वापस लौटने को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सेना ने पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी गई है। नियंत्रण रेखा के आसपास पहले से ही सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
पूरे इलाके में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
इससे एक दिन पहले भी पुंछ के गुलपुर सेक्टर में एलओसी के पास एक संदिग्ध अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) देखा गया था। सेना ने उस पर भी कुछ राउंड फायरिंग की, लेकिन उसे मार गिराया नहीं जा सका। अधिकारियों के अनुसार, वह ड्रोन बाद में गुलपुर के सिरियां गांव की दिशा में बढ़ा और एलओसी के दूसरी ओर चला गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने पूरे सेक्टर में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ड्रोन के जरिए किसी तरह के हथियार या मादक पदार्थों की एयरड्रॉपिंग तो नहीं की गई। हाल के महीनों में सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से हथियार और नारकोटिक्स गिराने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसे सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं।
14 फरवरी को सेना ने गिराया थे ड्रोन
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक संयुक्त अभियान में जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ड्रोन से गिराए गए करीब 6 किलोग्राम नारकोटिक्स बरामद किए थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये बताई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और घुसपैठ या तस्करी की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। फिलहाल सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और इलाके में गश्त तेज कर दी गई है।