डिजिटल डेस्क- मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूसी मीडिया आरटी के हवाले से खबर है कि ईरान ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के ठिकाने को निशाना बनाया है। बताया जा रहा है कि बहरीन की राजधानी मनामा के पास स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद इलाके से धुएं के गुबार उठते देखे गए। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में धमाके के बाद का दृश्य दिखाई दे रहा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डा अमेरिकी पांचवें बेड़े का मुख्यालय है, जो फारस की खाड़ी में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी का प्रमुख केंद्र माना जाता है। हमले की खबर के बाद कतर और अन्य खाड़ी देशों में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हवाई निगरानी बढ़ा दी गई है।
ईरान की पहले से थी चेतावनी
ईरान ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि यदि उस पर या उसके हितों पर हमला जारी रहा तो वह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम उसी चेतावनी की कड़ी हो सकता है। हालांकि, ईरान की ओर से इस हमले की औपचारिक पुष्टि या विस्तृत बयान का इंतजार है।
इजरायल लंबी लड़ाई के लिए तैयार
इस बीच इजरायल ने संकेत दिए हैं कि वह ईरान के साथ लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। इजरायली सूत्रों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से कहा है कि यदि यह टकराव कई दिनों तक चलता है तो भी उनकी सेना पूरी तरह तैयार है। सेना ने देश के कई हिस्सों में अलर्ट जारी कर दिया है और नागरिकों को सायरन बजते ही सुरक्षित शेल्टर में जाने के निर्देश दिए गए हैं। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। वायुसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मिसाइल इंटरसेप्शन सिस्टम सक्रिय है और अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया गया है। देश के कई शहरों में सायरन बजने की खबर है और लोगों से आधिकारिक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।
अमेरिका की भी सैन्य तैयारी तेज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया हमलों को “बहुत भीषण” बताया है और संकेत दिए हैं कि कार्रवाई जारी है। अमेरिकी सेना भी क्षेत्र में अपनी तैयारियां बढ़ा रही है। सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी बल कई दिनों तक सैन्य अभियान चलाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। पेंटागन की ओर से अभी विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य संसाधन तैनात किए जाने की खबरें हैं। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका संभावित व्यापक संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहता है। मध्य पूर्व के कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। तेल बाजार और वैश्विक शेयर बाजारों पर भी इस तनाव का असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।