KNEWS DESK – 90 के दशक में जब भी हिंदी सिनेमा के खतरनाक विलेन की बात होती है, तो गोविंद नामदेव का नाम जरूर लिया जाता है। अपने दमदार अभिनय और तीखे संवादों से उन्होंने कई फिल्मों में ऐसी छाप छोड़ी, जो आज भी दर्शकों को याद है। उन्हीं यादगार फिल्मों में से एक थी प्रेम ग्रंथ, जिसमें उन्होंने नकारात्मक भूमिका निभाई थी।
हाल ही में गोविंद नामदेव ने The Lallantop को दिए इंटरव्यू में फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म में माधुरी दीक्षित के साथ एक बेहद संवेदनशील और कठिन सीन शूट करना था, जिसे लेकर वे काफी नर्वस थे।
‘मैं बहुत सहमा हुआ था…’
गोविंद नामदेव ने कहा कि उस समय माधुरी दीक्षित इंडस्ट्री की नंबर वन एक्ट्रेस थीं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का सीन करना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि वे नए थे और मन में डर था कि कहीं सीन के दौरान कुछ गलत न हो जाए या एक्ट्रेस असहज न हो जाएं।
उन्होंने बताया कि फिल्म में कई सीक्वेंस ऐसे थे जिनमें उन्हें माधुरी के साथ फाइट और दौड़-भाग वाले दृश्य भी करने थे। शुरुआत में माहौल सहज बनाने के लिए वे उनसे अपने थिएटर के अनुभव साझा करते थे, ताकि आपसी समझ और सम्मान का रिश्ता बन सके।
माधुरी ने दिखाई प्रोफेशनलिज्म
गोविंद नामदेव ने माधुरी दीक्षित की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह एहसास नहीं होने दिया कि वे इंडस्ट्री की सबसे बड़ी स्टार हैं। जब वह विवादित सीन शूट होना था, तो गोविंद ने पहले ही उनसे माफी मांगी। इस पर माधुरी ने बेहद सहजता से कहा—“जैसा सीन की डिमांड हो, वैसे करो।”
उन्होंने बताया कि इस तरह के सीन में शारीरिक मूवमेंट के कारण चोट लगने की आशंका रहती है। एक सीन में तो उनके इयररिंग में उंगली फंसने से माधुरी को हल्की चोट भी लगी थी, लेकिन उन्होंने कभी नाराजगी जाहिर नहीं की। गोविंद नामदेव के मुताबिक, यही एक सच्चे प्रोफेशनल कलाकार की पहचान है।
आज भी करते हैं सराहना
गोविंद नामदेव ने कहा कि वे आज भी माधुरी दीक्षित के व्यवहार और पेशेवर रवैये की सराहना करते हैं। उनके मुताबिक, कोई भी कलाकार यूं ही नंबर वन नहीं बनता| उसके पीछे मेहनत, अनुशासन और सह-अभिनेताओं के प्रति सम्मान की भावना होती है।