KNEWS DESK- हिंदू धर्म में प्रत्येक माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह दिन मां दुर्गा की आराधना के लिए समर्पित होता है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की मासिक दुर्गाष्टमी 24 फरवरी 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के मन में एक सामान्य प्रश्न उठता है—क्या इस दिन भी कन्या पूजन करना आवश्यक है? आइए जानते हैं शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार सही नियम।
क्या मासिक दुर्गाष्टमी पर कन्या पूजन जरूरी है?
कन्या पूजन का विशेष महत्व मुख्य रूप से चैत्र और शारदीय नवरात्रि की अष्टमी या नवमी तिथि पर माना जाता है। इन दोनों नवरात्रों में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजन किया जाता है।
हालांकि, मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कन्या पूजन अनिवार्य नहीं है। धर्मग्रंथों में इस तिथि पर व्रत, मां दुर्गा की पूजा और मंत्र-जाप का विशेष उल्लेख मिलता है, लेकिन कन्या पूजन का स्पष्ट विधान नहीं बताया गया है।
फिर भी, यदि कोई श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार कन्या पूजन करना चाहता है, तो वह कर सकता है। इसे शुभ और पुण्यदायक माना जाता है, लेकिन यह बाध्यकारी नियम नहीं है।
मासिक दुर्गाष्टमी पर क्या करें?
यदि आप 24 फरवरी 2026 को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रख रहे हैं, तो निम्न कार्य करना शुभ रहेगा:
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर के मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- लाल फूल, रोली, अक्षत (चावल) और नैवेद्य अर्पित करें।
- दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जप करें।
- जरूरतमंदों को भोजन, फल या वस्त्र दान करें।
इन कार्यों से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
यदि करें कन्या पूजन, तो रखें इन बातों का ध्यान
अगर आप मासिक दुर्गाष्टमी पर कन्या पूजन करना चाहते हैं, तो इन नियमों का पालन करें:
- 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को आमंत्रित करें।
- उन्हें सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाएं।
- हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद खिलाएं।
- चुनरी, बिंदी या छोटा-सा उपहार भेंट करें।
- अंत में उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
कन्या पूजन में श्रद्धा और विनम्रता का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।
मासिक दुर्गाष्टमी का धार्मिक महत्व
मासिक दुर्गाष्टमी का दिन मां दुर्गा के सभी स्वरूपों की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से भय, रोग, बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।
मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। इस प्रकार, फाल्गुन मासिक दुर्गाष्टमी 2026 पर कन्या पूजन करना आवश्यक नहीं है, लेकिन श्रद्धानुसार किया गया पूजन अवश्य ही शुभ फलदायी माना जाता है।