कानपुरः वायुसेना जवान से मारपीट का आरोप, डीसीपी ने दिए जांच के आदेश

डिजिटल डेस्क- कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। वायुसेना के एक जवान के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जवान को न केवल रास्ते में रोका, बल्कि थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसके कान का पर्दा फट गया। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। घटना 19 फरवरी की रात की बताई जा रही है। देवमनपुर निवासी रेखा सचान, पत्नी स्वर्गीय धीरेंद्र सचान, ने डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी को दी गई शिकायत में बताया कि उनका बेटा नितिश सचान भारतीय वायुसेना में तैनात है और छुट्टी पर घर आया हुआ था। उसी दिन वह अपने मित्र अर्पित साहू के भाई की शादी में शामिल होने मूसानगर रोड स्थित एक गेस्टहाउस गया था। रात करीब साढ़े 11 बजे वह पैदल घर लौट रहा था।

गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों पर गाली-गलौज करने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान थाना पुलिस की गश्त टीम ने उसे रोककर पूछताछ की और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब नितिश ने कथित व्यवहार का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद उसे जबरन वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया। आरोप है कि थाने में हवालात में बंद कर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसके बाएं कान का पर्दा फट गया। परिजनों के अनुसार, घायल अवस्था में नितिश को पहले घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। हालांकि आरोप है कि पुलिस उसे आगे इलाज के लिए नहीं ले गई। बाद में परिजन उसे सेवन एयरफोर्स अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार कराया गया।

डीसीपी ने एडीसीपी को सौंपी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने एडीसीपी को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सौंपी है और कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दुर्व्यवहार पाया जाता है तो संबंधित कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं कस्बा चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि रात में गश्त के दौरान पूछताछ करने पर नितिश ने पुलिस से गाली-गलौज की थी। इसके बाद शांतिभंग की धारा में कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है और आरोप बेबुनियाद हैं।

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