भारत टैक्सी में सारथी ही मालिक, मुनाफे का 80% सीधे चालकों के खाते में… अमित शाह का बड़ा ऐलान

डिजिटल डेस्क- केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज ‘भारत टैक्सी’ से जुड़े चालकों (सारथियों) के साथ संवाद करते हुए सहकारिता आधारित इस नई पहल को देश के टैक्सी सेक्टर में बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो श्रम करता है, मुनाफा भी उसी को मिलना चाहिए। शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी कंपनी के मालिक को अमीर बनाना नहीं, बल्कि दिन-रात मेहनत करने वाले टैक्सी चालकों को सशक्त बनाना है। अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी में सारथी ही असली मालिक हैं। उन्होंने बताया कि इस सहकारी मॉडल में जो भी चालक 500 रुपये का शेयर लेगा, उसे मालिकाना हक मिलेगा। जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे संगठन और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में देश के हर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में ‘भारत टैक्सी’ की सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

पांच बड़ी सहकारी संस्थाओं ने मिलकर खड़ी की है भारत टैक्सी

मंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी सहकारी संस्थाओं को मिलाकर खड़ा किया गया है। इसका उद्देश्य चालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देना है। शाह ने कहा कि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तब उसमें कुछ स्थान सारथियों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। इससे चालक सीधे प्रबंधन का हिस्सा बनेंगे और अपने हितों की रक्षा स्वयं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का मकसद अधिकतम मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि सहकारिता के सिद्धांत पर सारथियों को सशक्त बनाना है। यह मॉडल शोषण नहीं, बल्कि सहयोग पर आधारित है। भारत टैक्सी की नीतियां भी सारथी ही तय करेंगे, क्योंकि कंपनी के शेयर और मालिकाना हक उन्हीं के पास होंगे।

जो जितना काम करेगा उतने अनुपात में मिलेगा लाभ

अमित शाह ने आय वितरण की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी की कुल कमाई में से 20 प्रतिशत राशि कंपनी के खाते में सारथियों की पूंजी के रूप में जमा होगी, जबकि 80 प्रतिशत राशि टैक्सी द्वारा तय की गई दूरी (किलोमीटर) के आधार पर सीधे चालकों के बैंक खातों में जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो जितना काम करेगा, उसे उसी अनुपात में लाभ मिलेगा। शाह ने कहा कि शुरुआती तीन वर्ष भारत टैक्सी के विस्तार और संरचना मजबूत करने में लगाए जाएंगे। इस दौरान चालकों को धैर्य रखने की जरूरत होगी। तीन वर्षों के बाद जब कंपनी स्थिर रूप से मुनाफा कमाने लगेगी, तब भी 20 प्रतिशत राशि संगठन के विकास के लिए रखी जाएगी और 80 प्रतिशत लाभ सारथियों को वापस कर दिया जाएगा।

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