डिजिटल डेस्क- पवित्र रमजान महीने के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तरों में एक घंटा पहले छुट्टी की अनुमति दे दी है। भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था रमजान समाप्ति तक लागू रहेगी। सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी सरकारी विभागों, बोर्ड, निगम और अन्य शासकीय संस्थानों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारी नियमित कार्यालय समय से एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ सकेंगे, ताकि वे रोजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का पालन सुगमता से कर सकें।
सरकार के फैसले का स्वागत
इस निर्णय का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सलीम राज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के विजन की भावना के अनुरूप है। हर वर्ष रमजान के दौरान रोजा रखने वाले कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के आदेश जारी किए जाते हैं, जिससे वे अपने धार्मिक कर्तव्यों का निर्वहन सहजता से कर सकें।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी रियायत
छत्तीसगढ़ से पहले तेलंगाना सरकार ने भी रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी थी। इसी प्रकार आंध्र प्रदेश सरकार ने भी आदेश जारी कर मुस्लिम कर्मचारियों को शाम 4 बजे तक दफ्तर से जाने की छूट प्रदान की है। तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने रमजान के मद्देनज़र दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 5 बजे तक खुले रखने की अनुमति भी दी है। होटल और अन्य खाद्य प्रतिष्ठान सेहरी (सुबह के भोजन) तक संचालन कर सकेंगे, जिससे रोजेदारों को सुविधा मिल सके। बता दें कि देश के विभिन्न हिस्सों में चांद दिखने के बाद गुरुवार से रमजान की शुरुआत हो गई है। इस पवित्र महीने में मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं और रात में मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाती है।