KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सुबह 11 बजे सदन में बजट प्रस्तुत करेंगे। यह योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट होगा, क्योंकि अगले वर्ष राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस बजट को चुनाव से पहले सरकार का विज़न डॉक्यूमेंट माना जा रहा है।
बजट सत्र की शुरुआत 9 फरवरी 2026 को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ हुई थी। 10 फरवरी को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। अब सभी की निगाहें आज पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं।
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सुबह 9 बजे कैबिनेट बैठक होगी। सीएम आवास पर होने वाली इस बैठक में बजट प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में यूपीसीडा, लखनऊ मेट्रो के निर्माण व संचालन, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की संपत्तियों के विकास और आवंटन से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है।
इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और आयुष विभाग से संबंधित सीएजी रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी जा सकती है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना मंगलवार शाम को ही विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में बजट दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि यह बजट प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं, विकास की आवश्यकताओं और सुशासन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष राज्य सरकार लगभग 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश कर सकती है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट हो सकता है। चुनावी साल से पहले सरकार रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा कर सकती है।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी नई योजनाओं या मौजूदा योजनाओं के विस्तार की भी संभावना जताई जा रही है।
बजट में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा हो सकती है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने और एरियर भुगतान के निर्देश दिए थे। प्रदेश में लगभग 25 हजार अनुदेशक और 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं। अनुमान है कि इस मद में करीब 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया जा सकता है।
कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।
वहीं, एक्सप्रेसवे, मेट्रो परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचा विकास कार्यों के लिए भी बड़े आवंटन की उम्मीद है। औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह बजट अहम माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि चुनाव से पहले पेश हो रहा यह बजट आम जनता, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए कितनी नई सौगातें लेकर आता है और सरकार अपनी प्राथमिकताओं को किस तरह आकार देती है।