KNEWS DESK – ईरान में जारी उथल-पुथल के बीच विरोध का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। सख्त धार्मिक नियमों और महिलाओं पर कड़े सामाजिक प्रतिबंधों के लिए पहचाने जाने वाले इस देश में अब महिलाएं खुलकर सत्ता को चुनौती देती नजर आ रही हैं। सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान ईरानी महिलाओं की ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वे देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर उनसे सिगरेट सुलगाती दिखाई दे रही हैं। यह दृश्य न सिर्फ प्रतीकात्मक है, बल्कि ईरान के मौजूदा राजनीतिक हालात की गंभीरता को भी दर्शाता है।
पिछले दो हफ्तों से ईरान के कई शहरों में हिंसक जनविद्रोह जारी है। शुरुआत महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के खिलाफ हुई थी, लेकिन जल्द ही यह आंदोलन खामेनेई के नेतृत्व वाले धर्मतांत्रिक शासन और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ व्यापक विरोध में बदल गया। इस बार प्रदर्शनकारियों की मांगें सिर्फ सुधारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह खारिज करते नजर आ रहे हैं।
राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में सड़कों पर उतरे लोग “खामेनेई मुर्दाबाद” और “पहलवी वापस आएंगे” जैसे नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का एक तबका ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी की वापसी की मांग भी कर रहा है, जिन्हें 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।
महिलाओं द्वारा खामेनेई की तस्वीरों को जलाना और उनसे सिगरेट जलाना अब अवज्ञा और डर से मुक्ति का प्रतीक बन चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये तस्वीरें बताती हैं कि ईरान में विरोध केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मानसिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी सत्ता को चुनौती दे रहा है।
हालांकि, इस तरह का विरोध पहली बार नहीं देखा गया है। साल 2022 में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद भड़के आंदोलनों के दौरान भी महिलाओं ने इसी तरह के साहसिक विरोध किए थे। लेकिन मौजूदा हालात में यह ट्रेंड कहीं ज्यादा तीखा और खुला नजर आ रहा है, जो ईरान में संभावित बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।