डिजिटल डेस्क- ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के दौर से गुजर रहा है। हालात ऐसे हैं कि देश के कई बड़े शहरों में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं। सड़कों पर उतरी जनता महंगाई, बेरोजगारी और गिरते जीवन स्तर को लेकर अपना गुस्सा जाहिर कर रही है। इस बीच अमेरिका और इजरायल की ओर से लगातार दिए जा रहे बयानों ने हालात को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 1 जनवरी को सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर ईरान को खुली चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान में महंगाई के कारण लोग सड़कों पर हैं और अगर इन प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है तो अमेरिका कार्रवाई के लिए तैयार है। ट्रंप के इस बयान को ईरान ने सीधी धमकी और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है।
यूएन महासचिव को पत्र लिख लगाई गुहार
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने यूएन के महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा करने की मांग की है। इरावानी ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका द्वारा दिए गए इस तरह के बयान न केवल ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन हैं, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ट्रंप की धमकियों से पैदा होने वाले किसी भी तनाव या उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। अमीर सईद इरावानी ने कहा कि इस तरह के बयान ईरान में पहले से जारी हालात को और भड़काने की कोशिश हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ हैं।
व अली लारीजानी ने लिया अमेरिका को आड़े हाथों
वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने भी अमेरिका को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी दखल पूरे पश्चिम एशिया में अराजकता फैलाने के बराबर है और इससे अंततः अमेरिकी हितों को ही नुकसान पहुंचेगा। लारीजानी ने चेतावनी दी कि ईरान किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। गौरतलब है कि ईरान में महंगाई दर लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। खाद्य पदार्थों से लेकर ईंधन और जरूरी सेवाओं तक की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसी वजह से लोग मौजूदा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आई हैं।