‘वीबी-जी राम जी’ योजना से यूपी के श्रमिकों को प्रतिदिन मिलेगा कम से कम 300 रुपये, योगी सरकार ने बढ़ी हुई मजदूरी का किया प्रावधान


Knews Desk- यूपी में ‘वीबी-जी राम जी एक्ट’ लागू होने के बाद अब मजदूरों को प्रतिदिन न्यूनतम 300 रुपये मजदूरी मिलने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी भी दी जा रही है। योगी सरकार का दावा है कि बढ़ी हुई मजदूरी और रोजगार व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर में बड़ा बदलाव आएगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सहित देशभर की ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में 1 जुलाई 2026 से अहम बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी)’ योजना को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जाएगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

यूपी के ग्रामीण परिवारों को बड़ा लाभ मिलेगा

उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी ग्रामीण आबादी वाले राज्यों में शामिल है, जहां लाखों परिवार अब तक मनरेगा पर निर्भर रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण श्रमिकों को कई महत्वपूर्ण फायदे मिलने की उम्मीद है। अब पात्र ग्रामीण परिवारों को सालाना 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इसके साथ ही नई प्रणाली के तहत न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है। राष्ट्रीय औसत मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। योगी सरकार ने बढ़ी हुई मजदूरी के भुगतान के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

वैज्ञानिक तरीके से तैयार होंगी विकास योजनाएं

मनरेगा की तुलना में इस नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव योजना निर्माण के तरीके में देखने को मिल रहा है। पहले जहां कार्यों की मंजूरी स्थानीय मांग के आधार पर दी जाती थी, वहीं अब गांवों के विकास की योजना सैटेलाइट डेटा, भूमि रिकॉर्ड और आधारभूत ढांचे की जरूरतों के विश्लेषण के आधार पर तैयार की जाएगी। इसके तहत सरकारी धन का उपयोग तय मानकों और वास्तविक जरूरतों के अनुसार किया जाएगा। अब केवल मांग आधारित रोजगार की जगह पहले से तैयार विकास योजनाओं के अनुसार कार्यों का निर्धारण किया जाएगा।

जीआईएस मैपिंग और डिजिटल टूल्स से होगी निगरानी

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब विकास कार्यों की योजना और निगरानी जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट इमेजरी और अन्य डिजिटल प्लानिंग टूल्स के माध्यम से की जाएगी। इससे कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। वीबी-जी राम जी एक्ट के तहत ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी जो लंबे समय तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकें, जैसे सड़क निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, जल संरक्षण और स्थायी सामुदायिक ढांचा। इसके अलावा विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं को आपस में जोड़कर लागू किया जाएगा, जिससे कार्यों के दोहराव को रोका जा सकेगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।