Explainer: आखिरी रात 3 फोन कॉल और फिर मौत… ट्विशा शर्मा केस की अनसुनी कहानी

KNEWS DESK- ट्विशा शर्मा केस में शुरुआती जांच से लेकर CBI की चार्जशीट दाखिल होने तक कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ फोन कॉल, WhatsApp मैसेज, काउंसलिंग रिकॉर्ड, बैंकिंग और निवेश से जुड़े दस्तावेजों के साथ दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी जांच का हिस्सा बने।

34 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव 12 मई 2026 की रात भोपाल स्थित उनके घर में फंदे से लटका मिला था। अगले दिन AIIMS भोपाल में पोस्टमॉर्टम कराया गया। हालांकि, ट्विशा के परिवार ने पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया और रिपोर्ट पर सवाल उठाए। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। 14 मई को रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आगे चलकर मामले की जांच CBI को सौंपी गई और 17 अगस्त को एजेंसी ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। आइए जानते हैं कि ट्विशा शर्मा की जिंदगी में विवाद कब शुरू हुआ और उनकी मौत तक घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा।

ऑनलाइन डेटिंग ऐप पर हुई थी समर्थ से मुलाकात

ट्विशा शर्मा ने साल 2012 में मिस पुणे का खिताब जीता था। इसके बाद उन्होंने मुंबई में एक्टिंग करियर की शुरुआत की और दो दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया। कोरोना महामारी के बाद वह नोएडा चली गईं। यहां उन्होंने MBA की पढ़ाई की और बाद में एक रिन्यूेबल एनर्जी कंपनी में नौकरी करने लगीं।

फरवरी 2025 में ट्विशा की मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और रिश्ता आगे बढ़ा। मार्च 2025 में ट्विशा ने अपने परिवार को बताया कि वह समर्थ के साथ रिलेशनशिप में हैं और उनसे शादी करना चाहती हैं।

परिवारों की सहमति के बाद दोनों ने 9 दिसंबर 2025 को शादी कर ली। शुरुआत में यह रिश्ता सामान्य था, लेकिन जांच एजेंसी के मुताबिक शादी के बाद हालात धीरे-धीरे बिगड़ने लगे।

शादी के बाद शुरू हुआ कथित मानसिक उत्पीड़न

CBI की चार्जशीट के अनुसार, शादी के बाद ट्विशा ने कथित तौर पर मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें अपने परिवार से की थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि समर्थ उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी भरी भाषा का इस्तेमाल करता था और उनके चरित्र पर सवाल उठाता था।

ट्विशा ने कथित तौर पर अपने परिवार को बताया था कि उनकी सास गिरिबाला सिंह रोजाना समर्थ से उनकी शिकायत करती थीं। इसके बाद समर्थ उनसे कथित तौर पर अपशब्द कहता और मानसिक रूप से परेशान करता था।

16 अप्रैल को प्रेग्नेंसी का पता चला

16 अप्रैल 2026 को ट्विशा ने अपने ससुराल में प्रेग्नेंसी टेस्ट किया। जांच के मुताबिक, उन्हें अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में पता चला। इसके बाद 19 अप्रैल को उन्होंने अपने माता-पिता को इस बारे में बताया। ट्विशा ने कथित तौर पर बताया था कि उनकी सास बार-बार उनसे पूछती थीं कि वह मां कब बनेंगी। ट्विशा ने कहा था कि जब वह प्रेग्नेंट होंगी तो खुद उन्हें इसकी जानकारी देंगी।

CBI के मुताबिक, ट्विशा के इस जवाब से उनकी सास नाराज हुईं और उन्होंने अपने बेटे समर्थ से शिकायत की। इसके बाद कथित तौर पर ट्विशा को मानसिक रूप से परेशान किया गया और उनके पुराने रिश्तों को लेकर सवाल उठाए गए।

शादी बचाना चाहती थीं ट्विशा

जांच के दौरान सामने आए काउंसलिंग रिकॉर्ड के मुताबिक, ट्विशा अपने रिश्ते को खत्म नहीं करना चाहती थीं। वह शादी बचाने की कोशिश कर रही थीं और चाहती थीं कि समर्थ भी काउंसलिंग में शामिल हों। ट्विशा की मां ने भी कथित तौर पर समर्थ की मां से इस मामले को लेकर शिकायत की थी। काउंसलिंग के दौरान समर्थ ने ट्विशा के व्यवहार में आए बदलावों का कारण उनकी प्रेग्नेंसी के बाद होने वाले बदलावों को बताया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, समर्थ ने काउंसलर के सामने ट्विशा के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी एक दावा किया था। उसने उनके व्यवहार को एक कथित डिसऑर्डर से जोड़ने की कोशिश की थी। वहीं, एक घटना का जिक्र करते हुए उसने बताया कि बहस के बाद ट्विशा अचानक घर से चली गई थीं और रात बाहर बिताई थी। जांच में यह भी सामने आया कि ट्विशा ने अपनी मां से बातचीत के दौरान बताया था कि समर्थ उनसे उनके पुराने अबॉर्शन को लेकर सवाल करता था और पूछता था कि उस बच्चे का पिता कौन था।

आर्थिक रूप से भी पति पर निर्भरता का दावा

CBI की चार्जशीट में ट्विशा की आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया गया है। जांच के मुताबिक, शादी के बाद वह छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी अपने पति पर निर्भर थीं। एक मामले में उन्हें करीब 3 हजार रुपये की जरूरत थी, जिसके लिए उन्होंने अपनी मां से मदद मांगी। जांच के अनुसार, यह रकम नसीराबाद जाने का टिकट बुक करने के लिए मांगी गई थी। उन्हें वहां काउंसलर के पास जाना था, लेकिन समर्थ कथित तौर पर काउंसलिंग के लिए जाने को तैयार नहीं था। ट्विशा ने कथित तौर पर अपनी मां से कहा था कि उन्होंने रिश्ते को बचाने की पूरी कोशिश की और वह घर वापस आना चाहती थीं।

करीब 20 लाख रुपये के निवेश को लेकर भी आरोप

जांच में ट्विशा के वित्तीय निवेश से जुड़ी जानकारी भी सामने आई। CBI की चार्जशीट के मुताबिक, ट्विशा के एक डीमैट अकाउंट में करीब 20 लाख रुपये के शेयर थे। यह रकम शेयरों की उस समय की बाजार कीमत के आधार पर बताई गई है। CBI का आरोप है कि इन निवेशों की जानकारी मिलने के बाद गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने ट्विशा पर कथित तौर पर दबाव बनाया कि वह यह रकम उनके संयुक्त SBI बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दें। जांच एजेंसी ने इस कथित दबाव को भी मानसिक उत्पीड़न के आरोपों से जोड़ते हुए अपनी चार्जशीट में शामिल किया है।

मौत से पहले की आखिरी फोन कॉल

ट्विशा की मौत से पहले की रात की कॉल और मैसेज टाइमलाइन इस मामले का सबसे अहम हिस्सा है। जांच के मुताबिक, 12 मई की रात करीब 9:20 बजे ट्विशा ने अपनी दोस्त राशि को फोन किया। वह फोन पर लगातार रो रही थीं। इसके करीब 20 मिनट बाद, रात 9:41 बजे उन्होंने WhatsApp के जरिए अपने पिता को फोन किया। उस समय भी वह काफी भावुक थीं और रो रही थीं। इसके बाद रात करीब 10:05 बजे उन्होंने अपनी मां को फोन किया। CBI की जांच के मुताबिक, इस बातचीत के दौरान ट्विशा ने बताया कि समर्थ उनके प्रति कथित तौर पर काफी आक्रामक और हिंसक हो गया था। इसके बाद ट्विशा ने कथित तौर पर एक भावनात्मक सुसाइड नोट/मैसेज लिखा। कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई।

परिवार ने उठाए पोस्टमॉर्टम पर सवाल

13 मई को AIIMS भोपाल में ट्विशा के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। हालांकि, परिवार ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। 14 मई को परिवार पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा। इसी दिन देर रात रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

परिवार ने मामले की जांच दिल्ली पुलिस से कराने और बाद में CBI जांच की मांग को लेकर भी आवाज उठाई। 20 मई को समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया।

दोबारा पोस्टमॉर्टम और समर्थ की गिरफ्तारी

22 मई को हाई कोर्ट ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया। इसी दौरान सरकार की ओर से केंद्र को पत्र लिखकर मामले की जांच CBI से कराने की मांग की गई।

22 मई को ही समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। अगले दिन उसे सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया। दोबारा पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के बाद 24 मई को ट्विशा का अंतिम संस्कार किया गया। मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगाने के कारण दम घुटना बताया गया।

17 अगस्त को CBI ने दाखिल की चार्जशीट

मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद CBI ने 17 अगस्त 2026 को समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। CBI ने दोनों पर BNS की धाराओं 80(2), 85, 108 और 3(5) के तहत आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने मानसिक उत्पीड़न, शारीरिक शोषण, आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं।

फिलहाल मामले में CBI की चार्जशीट के आरोप अदालत के सामने विचाराधीन हैं और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। लेकिन जांच में सामने आई फोन कॉल, मैसेज, काउंसलिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की टाइमलाइन ने ट्विशा शर्मा की मौत से पहले के घटनाक्रम को लेकर कई अहम सवाल खड़े किए हैं। अब अदालत में पेश होने वाले सबूत और आगे की न्यायिक कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में कथित उत्पीड़न और मौत के बीच क्या कानूनी संबंध स्थापित होता है।

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