रबी सीजन 2027-28 के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं समेत 6 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सरकार के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर और उचित मूल्य दिलाना है। कुसुम के MSP में सबसे ज्यादा 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
Knews Desk– केंद्रीय कैबिनेट ने रबी सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों-रेपसीड और कुसुम के MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इन फसलों में सबसे ज्यादा वृद्धि कुसुम के MSP में हुई है, जिसे 675 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। इसके बाद सरसों और रेपसीड के MSP में 413 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
बाकी फसलों की बात करें तो मसूर के MSP में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चना में 83 रुपये और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। सरकार के अनुसार, MSP में यह वृद्धि 2018-19 के केंद्रीय बजट में तय किए गए नियम के तहत की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल की औसत लागत का कम से कम 1.5 गुना MSP उपलब्ध कराना है।
सरकारी अनुमान के मुताबिक, उत्पादन लागत निकालने के बाद किसानों को गेहूं में करीब 106%, सरसों और रेपसीड में 96%, मसूर में 92%, चना में 59%, जौ में 58% और कुसुम में 50% तक का फायदा मिल सकता है।
सरकार की ओर से दाल और तिलहन की खेती को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को गेहूं और चावल जैसी अनाज वाली फसलों के साथ दाल और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन फसलों के MSP को तुलनात्मक रूप से अधिक रखने से किसान दूसरी फसलों की खेती की ओर भी रुख कर सकते हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 से 2025-26 के बीच करीब 3,715 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं की सरकारी खरीद की गई। वहीं, 2004-05 से 2013-14 के 10 साल के दौरान करीब 2,254 LMT गेहूं खरीदा गया था। अगर गेहूं समेत 6 प्रमुख रबी फसलों की सरकारी खरीद की बात करें तो 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह करीब 2,302 LMT थी। 2014-15 से 2025-26 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर करीब 3,921 LMT हो गया।
MSP के तहत किसानों को किए गए भुगतान में भी बढ़ोतरी हुई है। 2014-15 से 2025-26 के दौरान गेहूं किसानों को MSP के तहत करीब 7.31 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह राशि करीब 2.56 लाख करोड़ रुपये थी।
इसी तरह, 6 प्रमुख रबी फसलों के किसानों को MSP के तहत 2004-05 से 2013-14 के दौरान करीब 2.65 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। 2014-15 से 2025-26 के दौरान यह राशि बढ़कर करीब 8.36 लाख करोड़ रुपये हो गई। केंद्र सरकार का कहना है कि MSP में की गई यह बढ़ोतरी किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के साथ ही दाल और तिलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने में मदद करेगी।