Knews Desk- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों पर लोगों की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले में हस्तक्षेप करने और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
JAAC का आरोप है कि हाल के दिनों में संगठन से जुड़े कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाना बनाया गया है। संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध और जनहित के मुद्दे उठाने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके कारण स्थानीय लोगों में डर और असंतोष का माहौल पैदा हो गया है।
संगठन के नेताओं ने दावा किया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार अंकुश लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं को खुलकर सामने नहीं रख पा रहे हैं और विरोध की आवाज उठाने वालों को परेशान किया जा रहा है।
JAAC ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से अपील करते हुए कहा कि PoK की स्थिति पर ध्यान दिया जाए। संगठन का कहना है कि क्षेत्र में मानवाधिकारों की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
पिछले कुछ समय से PoK में महंगाई, बिजली संकट, कर व्यवस्था और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इन आंदोलनों में स्थानीय संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। अब JAAC के ताजा आरोपों ने क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, क्षेत्र की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।