डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल की सियासत में एक भावनात्मक और चर्चित मोड़ आया है। भारतीय जनता पार्टी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को पनिहाटी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने उन्हें राज्य में महिला सुरक्षा के मुद्दे का प्रमुख चेहरा बनाते हुए चुनावी मैदान में उतारा है। रत्ना देबनाथ का कहना है कि उनका चुनाव लड़ने का मकसद केवल राजनीति नहीं, बल्कि अपनी बेटी को न्याय दिलाना है। उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई उन्होंने पहले भी लड़ी है और अब इसे एक नए मंच से आगे बढ़ाएंगी। उनका मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के तीर्थंकर घोष और सीपीएम की कलारतन देशगुप्ता से होगा।
2021 के चुनाव में टीएमसी ने दर्ज की थी जीत
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में पनिहाटी सीट पर टीएमसी के निर्मल घोष ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार सन्मय बनर्जी को करीब 21 हजार वोटों से हराया था। ऐसे में इस बार यह सीट राजनीतिक रूप से और भी ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। साल 2024 में सामने आए आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप मामला ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई। मामले में जनवरी 2025 में कोलकाता के सियालदह कोर्ट ने आरोपी संजय रॉय को उम्रकैद (मौत तक जेल) की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद पीड़िता के परिवार का आरोप है कि इस मामले में कई पहलुओं पर अब भी पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है।
आज मैं शून्य हूं, मेरे पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है- पीड़िता की माँ
घटना के बाद कानून के तहत पीड़िता और उसके परिवार की पहचान छिपाई गई थी और उन्हें प्रतीकात्मक नामों से संबोधित किया गया। लेकिन 8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर परिवार ने अधूरे इंसाफ का हवाला देते हुए बेटी की पहचान सार्वजनिक कर दी। इसके साथ ही “जस्टिस फॉर माय एंजेल” नाम से एक अभियान भी शुरू किया गया। एएनआई से बातचीत में रत्ना देबनाथ ने कहा, “मैं आज शून्य हूं, मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। मैं सिर्फ अपनी बेटी के लिए न्याय चाहती हूं। मैं लोगों से अपील करती हूं कि वे मेरा साथ दें। यह चुनाव मेरे लिए मुश्किल नहीं है, क्योंकि मैं इससे पहले एक बड़ी लड़ाई लड़ चुकी हूं।” उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में सबूतों को मिटाने की कोशिश की गई।