K News desktop- मनोरंजन की दुनिया में बीते कुछ सालों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक दौर था जब लोग मनोरंजन के लिए अपने घरों में केबल लगवाते थे। इसके बाद केबल की जगह डायरेक्ट-टू-होम यानी डीटीएच सेवाओं ने ले ली। लेकिन अब तकनीक के इस बदलाव में डीटीएच भी दबाव में आ गया है और उसकी जगह धीरे-धीरे नई डिजिटल सर्विसेज लेती नजर आ रही हैं।
दरअसल, हाई-स्पीड इंटरनेट और सस्ते ब्रॉडबैंड की पहुंच बढ़ने के साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का दबदबा तेजी से बढ़ा है। कम कीमत में जब लोगों को मोबाइल, स्मार्ट टीवी और लैपटॉप पर वेब सीरीज, फिल्में और लाइव कंटेंट देखने की सुविधा मिल रही है, तो बड़ी संख्या में दर्शक पारंपरिक टीवी प्लेटफॉर्म से दूर होते जा रहे हैं। यही वजह है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने से डीटीएच इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है और सब्सक्राइबर बेस लगातार घट रहा है।
टेलीकॉम टॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि दिसंबर 2025 की तिमाही में भारत में डीटीएच सब्सक्राइबर बेस में साल-दर-साल 12.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद कुल सब्सक्राइबर बेस घटकर 50.99 मिलियन रह गया।
आंकड़ों पर नजर डालें तो 31 दिसंबर 2024 तक एक्टिव सब्सक्राइबर बेस 58.22 मिलियन था। मार्च 2025 में यह घटकर 56.92 मिलियन और जून 2025 में 56.07 मिलियन रह गया। साल की दूसरी छमाही में गिरावट और तेज हो गई। सितंबर 2025 में यह संख्या 52.78 मिलियन और दिसंबर 2025 के अंत तक 50.99 मिलियन पर पहुंच गई। यानी एक साल में इस सेक्टर ने 7 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर खो दिए।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता भी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो और डिज्नी+ हॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स दर्शकों को ओरिजिनल कंटेंट, लेटेस्ट वेब सीरीज और एक्सक्लूसिव फिल्में ऑफर कर रहे हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक टीवी सीरियल्स से हटकर इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख कर रहे हैं।
इसके अलावा भारत में सस्ते मोबाइल डेटा और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार ने स्मार्ट टीवी के इस्तेमाल को भी तेजी से बढ़ाया है। अब लोग ऐसे विकल्प चाहते हैं जिनमें एक ही डिवाइस पर लाइव टीवी के साथ-साथ यूट्यूबऔर प्राइम वीडियो जैसे ऐप्स भी चल सकें। इससे डीटीएच सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत धीरे-धीरे कम होती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डीटीएच के पेड सब्सक्राइबर बेस में और गिरावट देखने को मिल सकती है, क्योंकि अधिकतर लोगों के पास हाई-स्पीड इंटरनेट और स्मार्टफोन उपलब्ध हैं। अब कई दर्शक लाइव स्पोर्ट्स या पसंदीदा शो देखने के लिए सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का सब्सक्रिप्शन लेना ज्यादा सुविधाजनक मान रहे हैं।
हालांकि, डीटीएच कंपनियां भी इस बदलते दौर में खुद को ढालने की कोशिश कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर, भारती एयरटेल अपने ब्रॉडबैंड ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए आईपीटीवी यानी इंटरनेट प्रोटोकॉल टीवी सेवा ऑफर कर रही है। इस सेगमेंट में Airtel के पास करीब 2.54 मिलियन सब्सक्राइबर के साथ सबसे बड़ा एक्टिव बेस है। वहीं, रिलायंस जियो भी अपने फाइबर और एयर फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्क के जरिए आईपीटीवी सेगमेंट में तेजी से विस्तार की योजना बना रहा है।
दरअसल, आईपीटीवी में पारंपरिक केबल या सैटेलाइट की बजाय इंटरनेट कनेक्शन के जरिए टीवी पर कंटेंट दिखाया जाता है। यानी आने वाले समय में मनोरंजन की दुनिया में इंटरनेट आधारित सेवाओं का दबदबा और बढ़ने की संभावना है।