डिजिटल डेस्क- तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में 33वें महाशिवरात्रि उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर इस कार्यक्रम में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस सहित कई गणमान्य हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु ने कहा, “राष्ट्र केवल भूमि नहीं होता, राष्ट्र उसके लोग होते हैं। प्रेरित और समर्पित लोग ही भव्य भारत का निर्माण कर सकते हैं।” इस अवसर पर पहली बार ‘भव्य भारत भूषण पुरस्कार’ की शुरुआत की गई। यह सम्मान उन विशिष्ट व्यक्तित्वों को समर्पित है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पुरस्कार हर वर्ष कॉरपोरेट, कला-साहित्य, खेल, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, सामुदायिक सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में प्रदान किया जाएगा।
इन दिग्गजों को मिला सम्मान
वैज्ञानिक नंबी नारायणन और किरण कुमार को भारत की तकनीकी प्रगति में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध नृत्यांगना अलारमेल वल्ली को भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा के संरक्षण के लिए सम्मान मिला। वायलिन वादक एन. राजम को शास्त्रीय संगीत में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इतिहासकार विक्रम संपत को शोधपूर्ण इतिहास लेखन के लिए पुरस्कार दिया गया। बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने के लिए सम्मानित किया गया।
सेना के अधिकारियों को विशेष सम्मान
ऑपरेशन सिंदूर में नेतृत्व और साहस के लिए एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, लेफ्टिनेंट जनरल ए.वी.एस. राठी और वाइस एडमिरल आर.वी. गोखले को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सद्गुरु ने अपने संबोधन में कहा कि आदियोगी अतीत के नहीं, भविष्य के प्रतीक हैं और उन्होंने जो दिया वह विचारधारा नहीं, बल्कि मानव कल्याण की तकनीक है। उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष के अंत तक ईशा योग केंद्र में काल भैरव की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। साथ ही 18 फरवरी 2026 तक ‘इनर इंजीनियरिंग’ ऑनलाइन कार्यक्रम सभी के लिए निःशुल्क उपलब्ध रहेगा। यह कार्यक्रम 25 भाषाओं में प्रसारित किया गया और दुनियाभर में 15 करोड़ से अधिक लोगों ने इसे देखा। पूरी रात चले इस आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए भोजन और अन्य व्यवस्थाएं भी सुचारु रहीं, जिससे महाशिवरात्रि का उत्सव आध्यात्मिकता और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।