पहले वनडे में भारत को जीत दिलाने के बावजूद चोटिल हुए वॉशिंगटन सुंदर, साइड स्ट्रेन की पुष्टि

KNEWS DESK- भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने चार विकेट से शानदार जीत दर्ज की, लेकिन इस जीत के बीच टीम इंडिया की चिंता भी बढ़ गई। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने की आशंका ने टीम मैनेजमेंट को सतर्क कर दिया है। 26 वर्षीय सुंदर को गेंदबाजी के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हुआ, जिसके बाद उनके स्कैन का फैसला लिया गया है।

वॉशिंगटन सुंदर ने मैच में पांच ओवर की गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 27 रन खर्च किए। हालांकि न्यूजीलैंड की पारी के दौरान ही उन्हें असहजता महसूस हुई और वह मैदान छोड़कर बाहर चले गए। इसके बाद वह दोबारा गेंदबाजी करने नहीं लौटे, जिससे उनकी चोट को लेकर सवाल उठने लगे।

चोट की समस्या के बावजूद सुंदर ने भारतीय रनचेज में साहस दिखाया। बल्लेबाजी क्रम में आठवें नंबर पर उतरकर उन्होंने लोकेश राहुल के साथ मिलकर दबाव भरे हालात में अहम साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 16 गेंदों में 27 रन की अटूट साझेदारी की और भारत को जीत की दहलीज पार कराई।

हालांकि इस दौरान एक बात ने सभी का ध्यान खींचा—सुंदर और राहुल ने 48वें ओवर तक एक भी बार दो रन नहीं लिए। सुंदर सिर्फ एक-एक रन लेकर ही खेलते नजर आए, जिससे उनकी चोट की गंभीरता का अंदाजा लगाया गया। सुंदर सात रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि राहुल ने 29 रनों की नाबाद पारी खेली।

301 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 49 ओवर में छह विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम किया। निचले क्रम में राहुल और सुंदर की समझदारी भरी बल्लेबाजी ने टीम को संकट से उबारा और जीत दिलाई।

मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने सुंदर की चोट पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा,
“वॉशिंगटन सुंदर को साइड स्ट्रेन है और मैच के बाद उनका स्कैन होगा।”
गिल के इस बयान से साफ है कि टीम प्रबंधन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

लोकेश राहुल ने भी मैच के बाद स्वीकार किया कि उन्हें मैदान पर सुंदर की चोट की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। राहुल ने कहा, “मुझे नहीं पता था कि वह दौड़ नहीं सकता। मुझे पता था कि पहली पारी में उसे थोड़ी परेशानी थी, लेकिन यह इतनी गंभीर है, इसका अंदाजा नहीं था।”

सुंदर की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए राहुल ने आगे कहा कि उस वक्त टीम लगभग एक रन प्रति गेंद की दर से आगे बढ़ रही थी, इसलिए जोखिम लेने की जरूरत नहीं थी। “उस पर ज्यादा दबाव नहीं था। उसने स्ट्राइक रोटेट की और अपना काम बखूबी किया,” राहुल ने कहा।

अब सबकी निगाहें वॉशिंगटन सुंदर के स्कैन रिपोर्ट पर टिकी हैं। आने वाले मैचों को देखते हुए उनकी फिटनेस टीम इंडिया के लिए बेहद अहम होगी। चोट के बावजूद टीम को जीत दिलाने में योगदान देना सुंदर के जज्बे और जिम्मेदारी को दर्शाता है, लेकिन उनकी उपलब्धता पर फैसला अब मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही होगा।

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