अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी का तूफान, सबसे कम उम्र में फिफ्टी जड़कर रचा इतिहास

डिजिटल डेस्क- मैच कितना भी बड़ा हो और दबाव चाहे जितना भी ज्यादा क्यों न हो, वैभव सूर्यवंशी पर उसका कोई असर नहीं दिखता। अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भी इस युवा बल्लेबाज ने यही साबित कर दिया। इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 32 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया और टीम इंडिया की पारी को मजबूत आधार दिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस शानदार पारी में 3 छक्के और 6 चौके लगाए। मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। इस अर्धशतक के साथ ही वैभव ने एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे कम उम्र में फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह उपलब्धि उन्हें युवा क्रिकेटरों की खास सूची में शामिल कर देती है।

फाइनल मुकाबले में अंदाज बदला हुआ आया नजर

इतना ही नहीं, वैभव सूर्यवंशी ने इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों में फिफ्टी प्लस स्कोर बनाकर भी इतिहास रच दिया है। सेमीफाइनल में उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, जबकि फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी क्लास दिखाई। लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में इस तरह का प्रदर्शन उनकी मानसिक मजबूती और मैच टेम्परामेंट को दर्शाता है। फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का अंदाज थोड़ा बदला हुआ नजर आया। आमतौर पर तेज शुरुआत के लिए पहचाने जाने वाले इस बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ संयम दिखाया।

32 गेंदों में पूरा किया अर्धशतक

शुरुआती 10 गेंदों में उन्होंने पिच और गेंदबाजों को अच्छे से परखा और इसके बाद आक्रामक रुख अपनाया। टूर्नामेंट के दौरान वह पहले 10 ओवर में पांच बार आउट हुए थे, लेकिन फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उन्होंने एक भी गैर-जिम्मेदाराना शॉट नहीं खेला। संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए वैभव सूर्यवंशी ने 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी यह पारी न सिर्फ भारत के लिए अहम साबित हुई, बल्कि यह भी दिखा गई कि वैभव सूर्यवंशी भविष्य में भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।

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