KNEWS DESK- सनातन धर्म में खरमास की अवधि को अशुभ माना जाता है। यह समय लगभग एक महीने तक रहता है, जिसमें शादी-विवाह, सगाई, मुंडन, नामकरण और गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता, इसलिए लोग इस अवधि में ऐसे आयोजनों से बचते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों—धनु या मीन—में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है। इस दौरान सूर्य और गुरु दोनों की शुभता और तेज में कमी मानी जाती है। चूंकि विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इन ग्रहों की शुभ स्थिति आवश्यक होती है, इसलिए इस समय विवाह नहीं किए जाते। अप्रैल में इस दिन समाप्त होगा खरमास
कब खत्म हो रहा है खरमास?
इस वर्ष सूर्य देव ने 15 मार्च को मीन राशि में प्रवेश किया था, जिससे खरमास की शुरुआत हुई। अब 14 अप्रैल को सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष राशि मंगल की राशि है, और इसमें प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इसी दिन मेष संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा।
कब से फिर शुरू होंगे विवाह और अन्य शुभ कार्य?
खरमास के समाप्त होते ही 15 अप्रैल 2026 से सभी शुभ और मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे। इस दिन से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य संस्कारों के लिए शुभ समय माना जाएगा।
अप्रैल 2026 के विवाह के शुभ मुहूर्त
खरमास के बाद अप्रैल में विवाह के लिए कई शुभ तिथियां उपलब्ध हैं:
- 15 अप्रैल 2026 (बुधवार)
- 20 अप्रैल 2026 (सोमवार)
- 21 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
- 25 अप्रैल 2026 (शनिवार)
- 26 अप्रैल 2026 (रविवार)
- 27 अप्रैल 2026 (सोमवार)
- 28 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
- 29 अप्रैल 2026 (बुधवार)
शुभ मुहूर्त का महत्व
भारतीय परंपरा में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र बंधन होता है। ऐसा माना जाता है कि यदि विवाह शुभ मुहूर्त में किया जाए, तो वैवाहिक जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भरा रहता है। यही कारण है कि लोग शुभ समय का विशेष ध्यान रखते हैं।
इस प्रकार, खरमास की समाप्ति के साथ ही एक बार फिर से शुभ कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाएगा और घर-परिवारों में उत्सव का माहौल लौट आएगा।