KNEWS DESK- सनातन धर्म में प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इस दिन मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और भक्त इस अवसर पर व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई उपासना से भोलेनाथ प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और जीवन के कष्टों का नाश करते हैं।
वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 अप्रैल 2026 को रात 10:31 बजे से प्रारंभ होगी और 16 अप्रैल 2026 को रात 8:11 बजे समाप्त होगी। निशिता काल को ध्यान में रखते हुए मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 अप्रैल 2026, बुधवार को रखा जाएगा।
पूजा के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:50 बजे से 5:36 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सुबह 6:55 बजे से 7:18 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 7:37 बजे से रात 9:10 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 12:15 बजे से 1:01 बजे तक
निशिता मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
इस दिन प्रातः स्नान के बाद घर के मंदिर या किसी शिवालय में पूजा का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
पूजन के दौरान भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद चंदन अर्पित करें। साथ ही भांग, फल और मिठाई का भोग लगाएं।
पूजा के समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें। रात्रि में निशिता काल के दौरान पुनः शिवलिंग का अभिषेक कर आरती करना विशेष फलदायी माना जाता है।
मासिक शिवरात्रि का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और मन की शांति प्राप्त करने का भी श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।