KNEWS DESK- हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए हर माह आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कब है मासिक कृष्ण जन्माष्टमी व्रत?
पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 9 अप्रैल को रात 9:19 बजे से प्रारंभ होकर 10 अप्रैल को सुबह 11:15 बजे तक रहेगी। उदयातिथि को मान्यता देने के कारण यह व्रत 9 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त
इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जो पूजा और व्रत को और अधिक फलदायी बनाते हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:38 बजे से 5:26 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 6:07 बजे से 7:54 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:53 बजे तक
पूजा विधि
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा करते हैं:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- घर के मंदिर या पूजा स्थल की साफ-सफाई करें।
- भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं।
- पीले वस्त्र, पुष्प, तुलसी दल और माखन-मिश्री अर्पित करें।
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- रात के समय बाल रूप कृष्ण की विशेष पूजा करें और भजन-कीर्तन करें।
- अंत में आरती कर प्रसाद वितरण करें।
- व्रत का पारण अगले दिन अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद करें।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व
इस व्रत का धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। मान्यता है कि:
- जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
- पापों का नाश होता है।
- संतान सुख की प्राप्ति होती है।
- आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
जो भक्त नियमित रूप से यह व्रत करते हैं, उनके जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सदैव बनी रहती है। इस प्रकार, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक प्रभावी माध्यम भी माना जाता है।