KNEWS DESK- होली के कुछ दिनों बाद आने वाला रंग पंचमी का पावन पर्व खुशियों, रंगों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग गुलाल और अबीर के साथ रंगों का उत्सव मनाते हैं और भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रंग पंचमी के दिन घर में पूजा-पाठ करने और भगवान को रंग अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को गुलाल चढ़ाने की परंपरा भी काफी प्रचलित है।
रंग पंचमी क्यों मनाई जाती है?
शास्त्रों के अनुसार रंग पंचमी का दिन देवताओं को समर्पित माना जाता है। जहां धुलेंडी यानी होली के दिन लोग एक-दूसरे के साथ रंग खेलते हैं, वहीं रंग पंचमी को देवताओं की होली के रूप में देखा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन गुलाल के रंगों से निकलने वाले सूक्ष्म कण वातावरण में मौजूद दैवीय शक्तियों को सक्रिय करते हैं। इससे वातावरण शुद्ध होता है और घर-परिवार में मौजूद नकारात्मकता और दोष दूर होते हैं।
रंग पंचमी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रंग पंचमी का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से भी जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण अपने मित्रों और गोपियों के साथ रंगों का उत्सव मनाते थे।
इसी कारण कई मंदिरों में इस दिन भगवान को गुलाल अर्पित किया जाता है और भक्त रंगों की होली खेलते हैं। यह पर्व जीवन में खुशियों के रंग भरने और आपसी प्रेम बढ़ाने का संदेश भी देता है।
रंग पंचमी के दिन कैसे करें पूजा?
रंग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में भगवान की विधि-विधान से पूजा करें।
पूजा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को गुलाल या अबीर अर्पित करें। साथ ही फूल, धूप, दीप और मिठाई का भोग लगाएं। अंत में भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करें।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से की गई पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
रंग पंचमी के दिन करें ये शुभ कार्य
- भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा करें।
- घर के मंदिर में गुलाल या अबीर अर्पित करें।
- जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े या धन का दान करें।
- परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां बांटें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रंग पंचमी के दिन किए गए शुभ कार्य जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। इससे घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है और रिश्तों में प्रेम बढ़ता है।