मकर संक्रांति 2026: मकर संक्रांति पर काले कपड़े पहनना क्यों माना जाता है शुभ? जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

KNEWS DESK- सनातन धर्म में मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत विशेष महत्व रखता है। यह त्योहार सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है। इस दिन सूर्य उपासना, गंगा व अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष विधान है। वर्ष 2026 में 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, इसलिए इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

अलग-अलग नाम, एक ही आस्था

भारत के विभिन्न हिस्सों में मकर संक्रांति अलग-अलग नामों से मनाई जाती है। उत्तर भारत में इसे खिचड़ी पर्व कहा जाता है, तो कहीं पतंगोत्सव के रूप में यह त्योहार आसमान को रंग-बिरंगी पतंगों से सजा देता है। आमतौर पर धार्मिक अवसरों पर काले कपड़े पहनने से परहेज किया जाता है, लेकिन मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जब काला रंग शुभ माना जाता है।

मकर संक्रांति पर काला रंग पहनना क्यों माना जाता है शुभ?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में काले रंग का संबंध शनि देव से माना गया है। ऐसे में इस दिन काले कपड़े पहनने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में स्थिरता व शांति का आशीर्वाद मिलता है।

महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में मकर संक्रांति के दिन काले रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा विशेष रूप से देखने को मिलती है। लोग काले कपड़ों के साथ तिल-गुड़ का सेवन करते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।

धार्मिक ही नहीं, वैज्ञानिक कारण भी है अहम

मकर संक्रांति को ऋतु परिवर्तन का पर्व भी माना जाता है। सूर्य के उत्तरायण होने के बावजूद इस समय ठंड काफी रहती है। काले रंग के कपड़े गर्मी को अधिक अवशोषित करते हैं, जिससे शरीर को ताप मिलता है। यही कारण है कि परंपरागत रूप से इस दिन काले वस्त्र पहनने को उपयोगी और शुभ माना गया।

इस तरह मकर संक्रांति पर काले कपड़े पहनने की परंपरा न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि इसके पीछे व्यावहारिक और वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं। यही वजह है कि यह पर्व सदियों से श्रद्धा, परंपरा और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *