मकर संक्रांति 2026: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर भूलकर भी न करें ये काम, जानें ज्योतिषीय मान्यताएं

KNEWS DESK- आज देशभर में मकर संक्रांति का पावन पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करते ही वे उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे शास्त्रों में देवताओं का काल माना गया है। इसी कारण इस दिन स्नान, दान और जप का विशेष महत्व होता है। लोग पवित्र नदियों और सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करते हैं।

हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में मकर संक्रांति के दिन कुछ कार्यों को वर्जित भी बताया गया है। आइए जानते हैं, इस शुभ दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मकर संक्रांति पर दक्षिण दिशा में यात्रा से बचें

ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। इस दिन सूर्य देव उत्तर दिशा की ओर गमन करते हैं, इसलिए दक्षिण दिशा में किया गया कार्य नुकसानदायक हो सकता है।

बड़ों का अपमान न करें

इस पर्व पर गुड़, घी, ऊनी वस्त्र आदि का दान और पूजा-पाठ किया जाता है। ऐसे में बुजुर्गों का अपमान करना या उनका अनादर करना अशुभ माना जाता है। सम्मान और विनम्रता बनाए रखें।

तामसिक भोजन से बनाएं दूरी

मकर संक्रांति के दिन मांस-मछली, शराब, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। सात्विक भोजन और जीवनशैली अपनाने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है।

क्रोध और कटु वाणी से रहें दूर

इस दिन क्रोध, झूठ और कठोर शब्दों से बचना चाहिए। किसी से दुर्व्यवहार न करें, अपशब्द न कहें और मन में छल-कपट न रखें। संयम और सकारात्मक व्यवहार पुण्यदायी माना गया है।

इन वस्तुओं का दान न करें

दान का विशेष महत्व होने के बावजूद मकर संक्रांति पर काले रंग के कपड़े, पुराने या इस्तेमाल किए हुए वस्त्र और सामग्री का दान वर्जित माना गया है। दान हमेशा स्वच्छ और शुभ वस्तुओं का ही करें।

मकर संक्रांति पर इन नियमों का पालन कर आप न सिर्फ आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि भी बढ़ा सकते हैं।

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