KNEWS DESK- सनातन धर्म में मां दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। यह नौ दिनों तक चलने वाला पावन पर्व भक्ति, साधना और व्रत का प्रतीक माना जाता है। इन दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा करते हैं और कलश स्थापना के साथ नवरात्रि की शुरुआत करते हैं। नवरात्रि का समापन कलश विसर्जन के साथ होता है, जिसे सही मुहूर्त और विधि से करना अत्यंत आवश्यक माना गया है।

ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च 2026 से हुआ था और इसका समापन 28 मार्च 2026 को हो रहा है। आज के दिन कलश विसर्जन करने के साथ ही इस महापर्व का विधिवत समापन किया जाएगा।
कलश विसर्जन का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवमी तिथि समाप्त होने के बाद कलश विसर्जन करना शुभ होता है।
- नवमी तिथि: 26 मार्च 2026 सुबह 11:48 बजे से 27 मार्च 2026 सुबह 10:06 बजे तक
- वर्तमान तिथि: दशमी (28 मार्च 2026)
- दशमी समाप्ति: सुबह 8:45 बजे
- सूर्योदय: सुबह 6:16 बजे
शुभ समय: सुबह 6:16 बजे से 8:45 बजे के बीच कलश विसर्जन करना उत्तम रहेगा।
कलश विसर्जन की सही विधि
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल पर जाकर मां दुर्गा को प्रणाम करें।
- घी का दीपक जलाकर पूजा प्रारंभ करें।
- कलश पर स्थापित नारियल को लाल कपड़े में बांधकर मंदिर के एक कोने में रख दें।
- जौ (जवारे) को काटकर गमले में विसर्जित करें।
- कलश के जल में आम के पत्तों को डुबोकर पूरे घर में छिड़काव करें।
- कलश में रखी सामग्री को गमले में विसर्जित करें।
- कलश को गंगाजल से शुद्ध करके भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रखें।
- विसर्जन के समय इस मंत्र का जाप करें:
“गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थानं परमेश्वरी, पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च” - मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर को मंदिर में उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित कर दें।
- अंत में मां से आशीर्वाद लें और पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना करें।
समापन का महत्व
कलश विसर्जन केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मां दुर्गा को श्रद्धा पूर्वक विदाई देने का प्रतीक है। मान्यता है कि विधि-विधान से विसर्जन करने पर मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
चैत्र नवरात्रि का समापन भक्तों के लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण होता है। सही समय और विधि से कलश विसर्जन कर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि बनी रहती है।