KNEWS DESK- भारत में होली अलग-अलग क्षेत्रों में अलग अंदाज़ में मनाई जाती है। जहां मथुरा और वृंदावन की लठमार और फूलों वाली होली विश्वभर में प्रसिद्ध है, वहीं राजस्थान के पुष्कर की ‘कपड़ा फाड़ होली’ अपने अनोखे अंदाज़ के लिए जानी जाती है। यह उत्सव न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी काफी मशहूर है, और बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक इसमें शामिल होने आते हैं। पुष्कर की कपड़ा फाड़ होली: रंग, रोमांच और मस्ती का विश्व प्रसिद्ध उत्सव

क्या है कपड़ा फाड़ होली की परंपरा?
पुष्कर में होली के दिन रंग और गुलाल के साथ-साथ मस्ती का एक अलग ही रंग देखने को मिलता है। यहां लोग डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और मज़ाकिया अंदाज़ में कपड़े फाड़कर उत्सव का आनंद लेते हैं। यह सब पारंपरिक उल्लास और दोस्ताना माहौल में होता है, जो इस होली को खास बनाता है।
वराह घाट और ब्रह्मा चौक पर उमड़ती है भीड़
पुष्कर में होली का सबसे जीवंत नज़ारा वराह घाट और ब्रह्मा चौक पर देखने को मिलता है। इन स्थानों पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ विदेशी सैलानी भी बड़ी संख्या में जुटते हैं।

रंगों की बौछार, ढोल-डीजे की गूंज और उत्साह से भरा माहौल—इन सबके बीच कपड़ा फाड़ने की होड़ एक अलग ही दृश्य प्रस्तुत करती है। यही वजह है कि पुष्कर की यह होली दुनियाभर में चर्चित है।
होली 2026 कब है?
वर्ष 2026 में होली का पर्व 3 और 4 मार्च को मनाया जाएगा।
- 3 मार्च को होलिका दहन होगा।
- 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी।
पुष्कर में भी 3 और 4 मार्च को भव्य आयोजन किए जाएंगे। इन दिनों ब्रह्मा चौक और वराह घाट पर पारंपरिक और आधुनिक अंदाज़ में होली का उत्सव मनाया जाएगा।
क्यों खास है पुष्कर की होली?
- देश-विदेश के पर्यटकों की भागीदारी
- रंग, संगीत और नृत्य का अनूठा संगम
- कपड़ा फाड़ होली की अनोखी परंपरा
- ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी का उत्सवी रूप
राजस्थान के पुष्कर की कपड़ा फाड़ होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि रोमांच और सांस्कृतिक मेलजोल का प्रतीक है। यदि आप होली को एक अलग और यादगार अंदाज़ में अनुभव करना चाहते हैं, तो पुष्कर की यह अनोखी होली जरूर देखनी चाहिए।