डिजिटल डेस्क- राजस्थान के सीकर जिले स्थित विश्वविख्यात खाटूश्यामजी धाम में आस्था का महासागर उमड़ने लगा है। फाल्गुनी लक्खी मेले के अवसर पर गुरुवार शाम विशेष तिलक और सेवा-पूजा के बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। खास बात यह है कि अब मेले की समाप्ति तक बाबा श्याम के दरबार 24 घंटे खुले रहेंगे। यानी भक्त दिन-रात किसी भी समय दर्शन कर सकेंगे। मेला अवधि में वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर मिल सके।
21 से 28 फरवरी तक चलेगा वार्षिक लक्खी मेला
बाबा श्याम का वार्षिक लक्खी मेला 21 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के खाटू पहुंचने की संभावना है। पूरे कस्बे में भक्ति, उत्साह और धार्मिक रंग चरम पर है। जगह-जगह भजन-कीर्तन, निशान यात्रा और पदयात्राओं का आयोजन हो रहा है। श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 18 फरवरी की रात 10 बजे विशेष सेवा-तिलक के लिए मंदिर के पट बंद किए गए थे। गुरुवार को विधि-विधान के साथ तिलक श्रृंगार संपन्न होने के बाद शाम को श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए। उन्होंने कहा कि मेले को लेकर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा और स्वच्छता सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
24 घंटे दर्शन, VIP व्यवस्था बंद
इस बार मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बाबा श्याम के दरबार 24 घंटे खुले रहेंगे। श्रद्धालु किसी भी समय दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे, ताकि सामान्य भक्तों को भी बिना भेदभाव के दर्शन का अवसर मिल सके। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है।
कैसे पहुंचे खाटू श्याम धाम?
लक्खी मेले के मद्देनज़र रेलवे और रोडवेज ने विशेष इंतजाम किए हैं। दिल्ली और जयपुर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुरुक्षेत्र-फुलेरा और फुलेरा-दिल्ली सराय रोहिल्ला मार्ग पर विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। रिंगस रेलवे स्टेशन तक नियमित ट्रेनों का संचालन होगा, जिससे लगभग हर 20 मिनट में रेल सुविधा उपलब्ध रहेगी। सड़क मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जयपुर के अजमेर रोड स्थित नए बस स्टैंड से नियमित रोडवेज बसें चलाई जा रही हैं। दिल्ली से भी सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं। जयपुर से रींगस होते हुए निजी टैक्सियों और स्थानीय बसों के माध्यम से भी आसानी से खाटू धाम पहुंचा जा सकता है।
आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम
फाल्गुनी लक्खी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम है। बाबा श्याम के भक्त दूर-दूर से निशान लेकर पदयात्रा करते हुए खाटू पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना यहां अवश्य पूरी होती है। मेले के दौरान खाटू नगरी पूरी तरह भक्ति में डूबी नजर आ रही है और प्रशासन व मंदिर समिति श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।