KNEWS DESK- साल के पहले चंद्र ग्रहण का इंतजार अब खत्म होने वाला है। आज दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर ग्रहण की शुरुआत होगी और शाम 06 बजकर 46 मिनट पर इसका समापन होगा। कुल मिलाकर यह चंद्र ग्रहण 03 घंटे 26 मिनट तक प्रभावी रहेगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और भी बढ़ गया है।
सूतक काल सुबह से लागू
चंद्र ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 06 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है। सूतक काल के दौरान देशभर में विशेष नियमों का पालन किया जा रहा है।
- मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं।
- पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य रोक दिए गए हैं।
- कई घरों में खानपान भी बंद रखा गया है।
मान्यता है कि सूतक काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
भारत में ग्रस्तोदित रूप में दिखेगा ग्रहण
आज भारत में चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में दिखाई देगा। इसका अर्थ है कि जब चंद्रोदय होगा, तब चंद्रमा पहले से ही ग्रहण से प्रभावित होगा। पूर्ण चंद्र ग्रहण शाम 04 बजकर 34 मिनट से 05 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। हालांकि भारत में इसका प्रभाव लगभग 20 से 25 मिनट तक ही स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। शाम 06 बजकर 20 मिनट के बाद भारत में कई स्थानों पर ग्रहण लगा चांद नजर आने लगेगा और 06 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा।
प्रमुख शहरों में चंद्र ग्रहण दिखने का समय
नीचे देश के कुछ बड़े शहरों में ग्रहण दिखाई देने का संभावित समय दिया गया है:
- दिल्ली-एनसीआर – शाम 06:26 बजे
- प्रयागराज – शाम 06:08 बजे
- कानपुर – शाम 06:14 बजे
- वाराणसी – शाम 06:04 बजे
- पटना – शाम 05:55 बजे
- रांची – शाम 05:55 बजे
- कोलकाता – शाम 05:43 बजे
- भुवनेश्वर – शाम 05:54 बजे
- गुवाहाटी – शाम 05:27 बजे
- चेन्नई – शाम 06:21 बजे
- बेंगलुरु – शाम 06:32 बजे
- हैदराबाद – शाम 06:26 बजे
- ईटानगर – शाम 05:07 बजे
समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
ग्रहण के दौरान रखें ये सावधानियां
- सूतक काल में भोजन न करें (मान्यता अनुसार)
- गर्भवती महिलाएं विशेष सावधानी बरतें
- ग्रहण को नंगी आंखों से देखने से बचें
- मन में सकारात्मक विचार रखें
ग्रहण समाप्ति के बाद क्या करें?
ग्रहण खत्म होने के बाद परंपरा के अनुसार कुछ कार्य किए जाते हैं:
- पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
- स्वयं स्नान करें।
- साफ वस्त्र धारण करें।
- ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नियमों का पालन करने से नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं और वातावरण शुद्ध होता है। चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना होने के साथ-साथ आस्था और परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण और धार्मिक मान्यताओं के बीच संतुलन बनाकर इस अद्भुत घटना का अनुभव करें।