KNEWS DESK- आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर पूरे देश में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी माता सरस्वती को समर्पित होता है। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन विधि-विधान से माता सरस्वती की पूजा करने से जीवन में ज्ञान, विवेक और सफलता का वरदान मिलता है।

बसंत पंचमी के दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और हवन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन की गई साधना और उपासना विशेष फलदायी होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर की गई पूजा से विद्यार्थियों को विद्या में सफलता और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने का आशीर्वाद मिलता है।
तुलसी पूजन का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र माना गया है। तुलसी को माता का दर्जा दिया गया है और उन्हें प्रतिदिन जल अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास होता है और यह भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए तुलसी को हरि प्रिया भी कहा जाता है।
बसंत पंचमी पर तुलसी के पास दीपक जलाने का शुभ समय
बसंत पंचमी के दिन तुलसी के पास दीपक जलाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
- दीपक जलाने का सबसे उत्तम समय गोधूलि बेला होता है।
- आज गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 08 मिनट तक रहेगी।
इस समय तुलसी माता के पास दीपक प्रज्वलित करने से घर में माता लक्ष्मी का आगमन होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।
तुलसी पूजन से मिलते हैं ये लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार—
- जिस घर में नियमित रूप से तुलसी माता की विधि-विधान से पूजा होती है, वहां सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
- तुलसी पूजन से घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
- वहीं, तुलसी पूजा के नियमों की अनदेखी करने से घर में रोग और दरिद्रता का प्रवेश माना जाता है।
तुलसी पूजा करते समय रखें इन नियमों का ध्यान
अगर आपके घर में तुलसी का पौधा है, तो शास्त्रों में बताए गए नियमों का पालन जरूर करें। साफ मन और श्रद्धा के साथ की गई तुलसी पूजा न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है। बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर माता सरस्वती और तुलसी माता की कृपा से आपका जीवन ज्ञान, सुख और समृद्धि से परिपूर्ण हो।