उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, ईरान युद्ध के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा दी है. पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य रुपये कर दी है. अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है. इससे फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे. उत्तराखंड प्रदेश में भी गैस, डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं इसका भरोसा राज्य की धामी सरकार ने आम जनता को जताया है, लेकिन इस बीच विपक्ष ने सरकार को घेरने का एक और तरीका निकाल लिया है. बढ़ती महंगाई पर धामी सरकार को घेरते हुए, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत का आरोप है कि फिलहाल बिजली और पानी की दरें इस सीजन में बढ़ी नहीं है,लेकिन आम उपभोक्ता इससे पहले से ही इस समस्या से झुलस रहे हैं. हरीश रावत का मानना है की महंगाई के आगोश में प्रत्येक परिवार बुरी तरह से त्रस्त है. वर्तमान में आम जनमानस पर महंगाई के बोझ को कम करने के लिए कोई रास्ता निकल सके उसके लिए हरिश रावत द्वारा मां जगदंबा से प्रार्थना भी की गई. वही हरिश रावत ने जाहिर भी किया है कि आगामी 15 दिन तक वह किसी भी प्रकार के राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगे. इस संदर्भ में उनकी प्रेस वार्ता भी सम्मिलित है, उन्होंने आने वाले 15 दिनों तक सभी राजनीतिक कार्यक्रमों से विरक्त रहने का ऐलान किया है. आपको बता दे, उत्तराखंड में एक अप्रैल से बिजली और पानी के बिलों में बढ़ोत्तरी की संभावना है. बिजली और पानी के दाम बढ़ने पर लोगों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पानी की दरों में बढ़ोत्तरी किसी झटके से कम नहीं होगी. जिसका असर घरेलू उपभोक्ताओं और व्यवसायिक स्तर दुकान, ऑफिस में भी पडे़गा. महगाई पर सरकार को एक बार फिर से घेरने के लिए विपक्ष ने ईरान अमेरिका युद्ध के बीच नई रणनीति तैयार की है. जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में सत्ता पक्ष ने हरिश रावत के ऐलान को ड्रामा करार नाम दिया है.
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनावपूर्ण हालातों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित करने के लिए हर आम नागरिक के साथ सभी राज्य इस तनाव को दूर करने में जुट गए है. पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य रुपये कर दी है. अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है. इससे फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे. उत्तराखंड प्रदेश में गैस,डीजल और पैट्रॉल की कोई कमी नहीं इसका भरोसा राज्य की धामी सरकार ने आम जनता को जताया है,इसी बीच विपक्ष ने सरकार को घेरने का एक और तरीका निकाल लिया है.कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि फिलहाल बिजली और पानी की दरें इस सीजन में बढ़ी नहीं है, लेकिन आम उपभोक्ता इससे पहले से ही इस समस्या से झुलस रहे हैं.हरीश रावत ने कहा कि महंगाई के आगोश में प्रत्येक परिवार बुरी तरह से त्रस्त है, उन्होंने मां जगदंबा से प्रार्थना करते हुए कहा कि ऐसा रास्ता निकाला जाए,जिससे मंहगाई पर रोक लग सके,अन्यथा आगामी 15 दिन तक वह किसी भी राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगे. इस संदर्भ में उनकी प्रेस वार्ता भी सम्मिलित है. साथ ही आने वाले 15 दिनों तक सभी राजनीतिक कार्यक्रमों से विरक्त रहने का ऐलान किया है.
हालही में हुए गैरसैण विधानसभा में बजट सत्र के दौरान भी विपक्षी दलों ने बढ़ती मंहगाई के खिलाफ जोरदार हंगामा सड़क से लेकर सदन तक किया था. इसी बीच अब हरीश रावत का ये नया ऐस्टेंड की वह मौन व्रत के साथ 15 दिनों तक बढती बिजली पानी की कीमतों को कम करने के लिए, जब तक सरकार निर्णय नहीं लेगी वह राजनैतिक हलचल से दूर रहेंगे. रावत के इस कदम के बाद राजनीती भी जमकर हो रही है. जिसमे विपक्षी दलों ने तो रावत का समर्थन तो किया मगर भाजपा की नज़र में यह केवल नौटंकी ही प्रतीत हो रही है ।
आपको बता दे, की यह कोई पहला मामला नहीं की रावत मौन रख रहे हो.बीते महीने पूर्व सीएम हरीश रावत ने बिंदुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, गुलरानी टोंगिया समेत इंदिरा ग्रामों, गांधी ग्रामों और हरि ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने 1 घंटे का मौन उपवास रखा था. उन्होंने भूमिहीनों और आपदा पीड़ितों को हक दिलाए जाने की मांग की थी. इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने मांग को लेकर देहरादून गांधी पार्क में धरना दिया.लेकिन उसका भी कोई निर्ष्कष अभी तक सामने निकल कर नहीं आया अब रावत जी ने सरकार को बिजली और पानी की अप्रैल माह में बढ़ने जा रही कीमतों से पहले ही धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.