उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार कानून व्यवस्था पटरी से उतरती जा रही है. जिसको लेकर विपक्षी दलों ने धामी सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर हल्ला बोला है.विपक्ष का आरोप है की अब तक सिर्फ़ 5 दिन में 3 महिलाओं की हत्या ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में कानून नाम की कोई चीज बची नहीं है।जिसमे देहरादून जिले में ही इन हत्याओं को अंजाम दिया गया पहली घटना विकास नगर में एक युवती की निर्मम हत्या,दूसरी घटना ऋषिकेश एम्स में कार्यरत एक महिला की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, और वही राजधानी देहरादून के बीचो बीच मच्छी बाजार में 23 वर्षीय युवती की चापड़ से गला रेतकर हत्या, विपक्ष का सवाल यही है कि जब राजधानी में दिनदहाड़े अपराधी खुलेआम महिलाओं की हत्या कर रहे हैं, तो प्रदेश की आम महिलाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी कौन लेगा आज देहरादून में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, पुलिस व्यवस्था लचर है. और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।उत्तराखंड के देहरादून में पिछले 5 दिन के भीतर तीसरी हत्या हुई है. जिसके चलते प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे हैं. चरमराई कानून व्यवस्था को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक की. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.ऐसे में कांग्रेस का तो यही मानना है की महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध यह साबित करते हैं कि धामी सरकार महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था दोनों मोर्चों पर पूरी तरह विफल हो चुकी है।इन तमाम मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी 16 फरवरी को लोक भवन का घेराव करने जा रही है.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मच्छी बाजार दिनदहाड़े युवती की हत्या की घटना से पुलिस महकमे के साथ साथ पूरे शहर में हड़कंप मचा हुआ है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त बताया है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देहरादून के मुख्य बाजार में युवती की गला काट कर हत्या की गई, उससे प्रदेश की ध्वस्त पड़ी कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है. लगातार सिर्फ देहरादून जिले में ही मात्र 5 दिनों के अंदर 3 महिलाओं की निर्मम हत्या कर दी गई है. इसके साथ कश्मीरी और एंजल हत्या कांड में भी सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यकारिणी पर कई सवाल खड़े हो रहे है, जिसका जवाब भाजपा से देते नहीं बन पा रहा है.
कांग्रेस प्रदेश का आरोप है, कि इन घटना से साबित हो गया है कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. जिस तरह राजधानी देहरादून के मच्छी बाजार जैसे व्यस्तम इलाके में दिनदहाड़े युवती की गला काट कर हत्या की घटना को अंजाम दिया गया, उसने बीजेपी के जंगलराज की पोल खोल कर रख दी है.ऐसे में भाजपा का मानना है.की विपक्ष सिर्फ झूठ की राजनीति कर आम जनता के बीच भ्रामक प्रचार कर माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहा है.
कुल मिला कर प्रदेश भर में हो रही हत्या, आपसी गुटों में विवाद से हत्या, साथ जाति धर्म के आधार पर घटनाएं पिछले कुछ माह में लगातार बढ़ी है,ऐसे में विपक्ष अंकिता हत्या कांड सहित महिला अपराध पर कानून व्यवस्थाओ को लेकर धामी सरकार पर लगतार हमलावर है,जिसमे चौकाने की बात तो यह है की राजधानी की जिला देहरादून में ही.केवल पांच दिनों में महिलाओ की हत्या को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए है. ऐसे में अब सवाल यही है, की अगर जल्द कानून व्यवस्था का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने इस कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को लेकर कोई जल्द बड़ा कदम नहीं उठाया तो आने वाले समय पर इसके कई बड़े गंभीर परिणाम प्रदेश में देखने को मिल सकते है.