खौफ के साए में अब, खिसकता जोशीमठ !

जोशीमठवासियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है….दरअसल जोशीमठ के वासियों को बरसात के मौसम में और अधिक भू धसाव की आशंका है… जिससे यहां के निवासियों में दहशत का माहौल है। जोशीमठ में करीब 90 प्रतिशत प्रभावित राहत शिविरों से अपने दरार पड़े हुए और जर्जर हालत वाले घरों को लौट चुके है। लेकिन अबतक प्रभावितों का पुनर्वास ना होने से ग्रामीणों में सरकार के प्रति आक्रोश है….वहीं पीएमओ की एक टीम ने जोशीमठ के हालात समेत बद्रीनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर इसकी समीक्षा की….वही जोशीमठ के लोग हेलंग मारवाड़ी बाईपास के निर्माण का भी विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में व्यापारियों ने जोशीमठ बाजार बंद रखा…हेलंग मारवाड़ी बाईपास निर्माण से जोशीमठ के व्यापारियों को व्यापार ठप होने के साथ ही जोशीमठ का अस्तित्व भी समाप्त हो जाने की आशंका है। उन्होंने जोशीमठ बाजार से ही बदरीनाथ हाईवे चौड़ीकरण की मांग उठाई है। वहीं जोशीमठ के मुद्दे पर राज्य में सियासत भी गरमा गई है। एक तरफ जहां बीजेपी प्रभावितों को हर संभव मदद का आश्वासन दे रही है… तो दूसरी ओर विपक्षी दलों का कहना है कि भाजपा ने प्रभावितों को कोई सरकारी मदद नहीं दी है। सरकार ने भगवान भरोसे ही प्रभावितों को छोड़ दिया है। 

 

 उत्तराखंड के जोशीमठ में भू धसाव का खतरा बढ़ गया है….दरअसल जोशीमठ के वासियों को बरसात के मौसम में और अधिक भू धसाव की आशंका है…जिससे यहां के निवासियों में दहशत का माहौल है। जोशीमठ में करीब 90 प्रतिशत प्रभावित राहत शिविरों से अपने दरार पड़े हुए और जर्जर हालत वाले घरों को लौट चुके है। लेकिन अबतक प्रभावितों का पुनर्वास ना होने से ग्रामीणों में सरकार के प्रति आक्रोश है….वहीं पीएमओ की एक टीम ने जोशीमठ के हालात समेत बद्रीनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर इसकी समीक्षा की….वहीं मौसम विभाग ने एक सप्ताह तक प्रदेशभर में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। जिसने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। वहीं भाजपा कांग्रेस जोशीमठ के मुद्दे पर आमने सामने आ गए हैं

 

वहीं जोशीमठ के लोग हेलंग मारवाड़ी बाईपास के निर्माण का भी विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में व्यापारियों ने जोशीमठ बाजार बंद रखा…हेलंग मारवाड़ी बाईपास निर्माण से जोशीमठ के व्यापारियों को व्यापार ठप होने के साथ ही जोशीमठ का अस्तित्व भी समाप्त हो जाने की आशंका है। उन्होंने जोशीमठ बाजार से ही बदरीनाथ हाईवे चौड़ीकरण की मांग उठाई है। वहीं हेलंग मारवाड़ी बाईपास का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने पहुंचे ज्योतिष पीठ के नवनियुक्त शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लगभग 1 किलोमीटर नंगे पांव पैदल चलकर धरना स्थल पर पहुंचे….वहीं आम आदमी पार्टी ने सरकार पर जोशीमठ के व्यापारियों का व्यापार खत्म करने का आरोप लगाया है   

 

कुल मिलाकर जोशीमठ के लोगों की मुशिकलें कम नहीं हो रही है। एक तरफ जहां बरसात ने जोशीमठ के लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी है तो दूसरी ओर हेलंग मारवाड़ी बाईपास निर्माण से जोशीमठ के व्यापारियों को व्यापार ठप होने के साथ ही जोशीमठ का अस्तित्व भी समाप्त हो जाने की आशंका है। देखना होगा सरकार इन सब परिस्थितियों से कैसे निपटती है

 

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