डिजिटल डेस्क- उत्तराखंड के कोटद्वार से शुरू हुआ ‘मोहम्मद दीपक’ विवाद अब धीरे-धीरे दूसरे शहरों तक फैलने लगा है। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह मामला अब सड़कों पर प्रदर्शन, नारेबाजी और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच चुका है। कोटद्वार के जिम संचालक दीपक के समर्थन में लोग सोशल मीडिया पर “मैं भी मोहम्मद दीपक” लिखकर पोस्ट कर रहे हैं। इसी कड़ी में उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में एक जिम संचालक द्वारा की गई पोस्ट के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। एक न्यूज चैनल के अनुसार, रुद्रपुर के जिम संचालक मोहित चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर “मैं भी मोहम्मद दीपक” लिखते हुए एक कमेंट पोस्ट किया था। इस पोस्ट के सामने आते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। नाराज कार्यकर्ता मोहित के जिम के बाहर इकट्ठा हुए, नारेबाजी की और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप के चलते हिंदू संगठनों ने की पुलिस में शिकायत
हिंदू संगठनों की ओर से मोहित चोपड़ा के खिलाफ पुलिस को शिकायत सौंपी गई और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। संगठनों का कहना है कि इस तरह की पोस्ट से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। वहीं, चेतावनी भी दी गई कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे खुद सख्त कदम उठाएंगे। हालात को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इधर, कोटद्वार में भी इस मुद्दे को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, देहरादून से बड़ी संख्या में बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और दीपक के जिम के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़कों पर भारी भीड़ जुट गई, जिससे कई इलाकों में लंबा जाम लग गया। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
26 जनवरी से जुड़ा है विवाद
पूरा विवाद 26 जनवरी की एक घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। कोटद्वार के पटेल मार्ग पर स्थित एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। दुकान के नाम में “बाबा” शब्द इस्तेमाल होने पर विवाद शुरू हुआ। एक वायरल वीडियो में देखा गया कि कुछ कार्यकर्ता बुजुर्ग दुकानदार से उलझ रहे हैं। इसी दौरान एक युवक, जिसने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया, बीच में आया और कार्यकर्ताओं का विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई और हालात बिगड़ गए।
घटना के बाद 31 जनवरी को बंजरग दल ने किया था प्रदर्शन
बताया जाता है कि 31 जनवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ता दीपक के विरोध में देहरादून से कोटद्वार पहुंचे और शहर में प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से दीपक कुमार और उनके साथी विजय रावत को कोतवाली ले जाकर बैठा दिया। बाद में दीपक कुमार के खिलाफ गाली-गलौज, जाति-सूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की नीयत से हमला करने जैसे आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई।