उत्तराखंड- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एंजेल विवाद अभी थमा भी नहीं था कि विकासनगर से नाम और पहचान पूछकर मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पूरा मामला देहरादून के विकासनगर कोतवाली क्षेत्र का है। जहां फेरी का काम करने वाले कश्मीरी युवक मुहम्मद तावीस अपने भाई के साथ एक दुकान पर चिप्स लेने पहुंचे थे। आरोप है कि दुकानदार संजय यादव ने पहले उनका नाम और पता पूछा और फिर कश्मीरी पहचान सामने आते ही हमला कर दिया। दावा है कि आरोपी ने लोहे की रॉड से कश्मीरी भाइयों की बेरहमी से पिटाई कर दी। हमले में पीड़ित का हाथ फ्रैक्चर हो गया जबकि सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घायल नाबालिग की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिले के विकासनगर में शॉल बेचने वाले कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट का मामला जम्मू कश्मीर तक पहुंच गया है। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है और सख्त कार्यवाही की बात की है। वहीं दूसरी और जिला कोटद्वार स्थित पटेल मार्ग की एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते मामूली नोकझोंक सड़कों पर तनावपूर्ण हालात में बदल गई। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ युवक पटेल मार्ग स्थित एक कपड़ों की दुकान पर पहुंचकर दुकान का नाम ‘बाबा’ रखे जाने का विरोध करते नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में इस तरह की घटनाओं के चलते बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने धामी सरकार के खिलाफ कई सवाल खड़े कर दिए है।
जे एंड के, के चीफ मिनिस्टर उमर अब्दुल्ला के ऑफिस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट डाली है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि हृदयविदारक ! उत्तराखंड के विकास नगर इलाके में अपने परिवार के साथ शॉल बेचने वाले 18 वर्षीय एक कश्मीरी लड़के पर उग्र तत्वों द्वारा बेरहमी से हमला किया गया। उन पर लोगों के एक समूह ने हमला किया, बेरहमी से पीटा, और उनके पूरे शरीर पर कई चोटें आईं। उनका बायां हाथ टूट गया है। जो बेहद शर्मनाक है। इस विषय पर उमर अब्दुल्ला ने धामी से फोन पर वार्ता भी की, धामी ने आश्वासन दिया कि इस मामले में FIR दर्ज करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी और जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। वहीं ताजा मामला कोटद्वार स्थित पटेल मार्ग की एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते मामूली नोकझोंक सड़कों पर तनावपूर्ण हालात में बदल गई। युवक दुकानदार से यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि ‘बाबा’ नाम रखने का अधिकार केवल हिंदू समुदाय के लोगों को है। दोनों पक्षों के बीच सड़क पर तीखी बहस शुरू हो गई, जो बाद में हाथापाई में बदलने लगी।
अपने शांत स्वभाव से जाना जाता देव भूमि उत्तराखंड आज कल अपराध को लेकर चर्चा में हैं। जिस पर राजनीति भी जम कर हो रही है। भाजपा इस तरह की घटनाओं पर विराम लगाने की बात कर रही लेकिन एक के बाद एक घटनाओं से प्रदेश की कानून व्यवस्था के साथ विपक्ष को मुद्दा भी दे दिया है। एंजेल विवाद अभी थमा भी नहीं था कि नाम को लेकर विवाद उठने शुरू हो गए है। ऐसे में राजनीति में भी आरोप प्रत्यारोपों का सिलसिला जोर पकड़ने लगा है।
बता दें कि एंजेल चकमा की मौत के मामले ने खूब तूल पकड़ा। कई बड़े-बड़े राजनेताओं ने इस घटना का विरोध किया था। हालांकि अभी तक एंजेल चकमा का हत्यारा फरार है। पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। यहां तक कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस नेपाल तक जा पहुंची है। विकासनगर में ही एंजेल चकमा और उसके भाई पर हमला किया गया था। काफी लंबे समय तक एंजेल का इलाज चला था लेकिन उसकी मौत हो गई हालांकि पुलिस ने इस बात से इनकार किया था कि यह पूरा मामला नस्लभेद का है। कश्मीरी छात्र पर हुए हमले के मुख्य आरोपी संजय यादव के खिलाफ गंभीर धाराओं मुकदमा दर्ज किया। मुख्य आरोपी संजय यादव को हिरासत में ले लिया गया है। सवाल अब यही है कि आखिरकार देवभूमि का इस तरह माहौल ख़राब करने वाले ये शरारती लोग कौन है। अगर ऐसे ही लोग पर धामी सरकार कड़ा ऐक्शन जल्द नहीं दिखा पायेगी तो संभव है। ऐसे ही आपराधिक मामले प्रदेश की शांत आबो हवाओ को जरूर ख़राब करेंगे।