उत्तराखंड- उत्तराखंड राज्य सरकार निरंतर राज्य को अलग पहचान दिलाने के लिए कार्यरत है। सरकार का दावा है कि बात चाहे पलायन रोकने, अवैध अतिक्रमण को हटाने, देवभूमि की गरिमा को सुरक्षित रखने, शहर से लेकर गांव गांव तक कनेक्टिविटी पहुंचाने, जनता के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा व तमाम सरकारी योजनाओं को पहुंचाने से लेकर युवाओं के रोजगार की ही क्यो न हो प्रदेश व जनता की हर उपयोगिता पूरी करने में राज्य सरकार पीछे नहीं है, वहीं सरकार के दावे युवाओं को रोजगार व नौकरियां देने को लेकर भी सामने आते दिखाई दे रहे हैं।
आपको बता दें कि उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश में साढ़े चार साल से अधिक कार्यकाल हो चुका है, वहीं मुख्यमंत्री धामी ने यह खुद अनेकों बार अनेकों मंचों से यह दावा किया है कि कार्यकाल की अवधि के बीच 27 हज़ार से अधिक युवाओं का चयन सरकारी सेवाओं में हो चुका है, साथ ही देश का सबसे कठोर नकल विरोधी क़ानून बना उत्तराखंड ने मिसाल भी पेश की है जिसके सहारे भर्ती परीक्षा में किसी भी प्रकार से नकल व पेपर लीक ना होना भी प्रेषित किया गया है।
राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, खेल, कौशल के जरिये नौकरियां उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत भी है। जुलाई 2021 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा युवाओं को रोजगार के साथ साथ स्किल प्रदान करने पर भी फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी का मत है कि “उत्तराखंड का पानी और जवानी” प्रदेश के काम आये साथ ही युवा पलायन करके जाने की बजाय प्रदेश में रोजगार करने के साथ साथ रोजगार प्रदान करने वाले भी बने, वहीं सरकार की मानें तो लोक सेवा आयोग और अन्य चयन संस्थाओ के जरिये हज़ारों युवाओं को स्थायी नौकरियां भी प्रदान की गयी है लेकिन इन सभी दावों को विपक्ष नकारते हुए नज़र आ रहा है। साथ ही सरकारी नौकरी के नाम पर युवाओं को भ्रमित करने का आरोप भी सरकार पर लगा रहा है, वहीं रोजगार व नौकरियों से सम्बन्धित दावे सरकार के जो भी हो लेकिन विपक्ष को केवल सरकार के दावे हवा हवाई नज़र आ रहे है, वहीं विपक्ष का मानना है कि धरातल पर ऐसा कुछ नज़र नहीं आ रहा है जिसके बाद एक बार फिर पक्ष विपक्ष के आपस में तथ्य सामने आने लग गये है।
सीएम धामी ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवाओं को बधाई दी। साथ ही श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। आज भारत देश भी दुनिया का सबसे युवा देश है, जहां की 65 फीसदी आबादी 42 साल से कम उम्र की है। ऐसे में दुनिया के सबसे युवा देश में से, भारत देश एक है। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को नवाचार के अवसर मिल रहे हैं। शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को फोकस करते हुए नवाचार को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य के अंदर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए 27 हजार युवाओं को पिछले 4 सालों में सरकारी नौकरी दी गई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वहीं विपक्ष को केवल सरकार के दावे हवा हवाई नज़र आ रहे है, विपक्ष का मानना है कि धरातल पर ऐसा कुछ नज़र नही आ रहा है।
धामी सरकार के साढ़े चार सालों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दिए जाने का दावा किया जा रहा है। तो मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की मानें तो सरकार ने अगर वाकई में 27 हजार सरकारी नौकरियां दी है तो मुख्यमंत्री धामी अपॉइंटमेंट लेटर लाभार्थियों को न देते। ऐसा तभी होता है जब आपके पास बड़ा आंकड़ा नहीं होता छोटे-मोटे आंकड़े पर लोगों को गुमराह किया जाता रहा है। अगर वास्तव में 27 हजार लोगों को सरकारी नौकरियां दी है तो सरकार को एक श्वेत पत्र दे कर लिस्ट जारी कर देनी चाहिए। जिससे विपक्ष और सभी लोग भी देख लें कि उन 27 हजार लोगों को क्या नौकरियां मिली है लेकिन सरकार बड़े बड़े दावे कर युवाओं को भर्मित करने का काम रही है। वहीं भाजपा के विधायक विनोद चमोली का दावा है कि भाजपा सरकार में विधानसभा में ये पूरा आंकड़ा भी दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष को अगर किसी वजह से संचय है तो विधानसभा या आर टी आई के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कर सकते है कि हमने अब तक कितनी नौकरी और रोजगार दिया है सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं रोजगार है बल्कि सरकारी नौकरी रोजगार का साधन है। हमारी सरकार हर सरकारी व गैर सरकारी कामों के माध्यम से आम जनता को रोजगार उपलब्ध करने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में सरकारी विभागों में रिक्त पड़े सभी पदों को भरने का फैसला किया है। साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में सीएम धामी लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चिकित्सा सेवा चयन आयोग की भर्तियों के माध्यम से 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुके हैं। धामी सरकार का दावा है राज्य बनाने के बाद से 2021 तक 16 हजार सरकारी नियुक्तियां ही दी गई थी, लेकिन धामी के आने के बाद उसका भी रिकॉर्ड टूट गया है। एक तरफ सरकार बम्पर नौकरियों देने का दावा कर रही है तो वहीं सभी विपक्षी दल अब सरकार से ये ही सवाल पूछ रहे हैं। अगर इतनी बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां सरकार ने दी भी है तो आए दिन युवा बेरोजगार सड़को पर क्यों विरोध करते नजर आ रहे है। ऐसे में सरकार को आंकड़ों को भी प्रस्तुत कर देना चाहिए कि किस विभाग में कितने युवाओं को सरकार ने नौकरियां दी हैं।