KNEWS DESK- उत्तराखंड के प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर है। इस बार राज्य में बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। नियामक आयोग ने 2026-27 के लिए टैरिफ में बदलाव करने से इनकार कर दिया है। यह जानकारी आयोग के अध्यक्ष एम.एल. प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी ने प्रेस वार्ता में दी।
यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल ने इस साल बिजली की दरों में 18.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुरोध किया था। हालांकि, नियामक आयोग ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में टैरिफ बढ़ाना उचित नहीं होगा।
आयोग ने कुछ उपभोक्ता श्रेणियों में बदलाव भी किए हैं। प्रीपेड मीटर योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 4% की छूट दी जाएगी, जबकि अन्य उपभोक्ताओं को 3% की राहत मिलेगी। यह कदम उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से मददगार साबित होगा।
साथ ही आयोग ने यूपीसीएल को निर्देश दिए हैं कि राज्य के 10 सबसे ज्यादा हानि वाले फीडरों की पहचान की जाए। इसके लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। यह कदम बिजली वितरण में सुधार और घाटे को कम करने की दिशा में उठाया गया है।
आयोग का कहना है कि उनका उद्देश्य हमेशा उपभोक्ताओं के हित में निर्णय लेना और बिजली वितरण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। इस फैसले से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और उन्हें मौजूदा बिजली योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
राज्य में टैरिफ स्थिर रखने का यह निर्णय आर्थिक दबाव कम करने के साथ-साथ बिजली कंपनियों में पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देगा।