एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी का नया केंद्र बना उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुआ एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 का भव्य आयोजन

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के राष्ट्रीय हब के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, जो भारत की पहली एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी है, ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से एआई कन्वर्जेंस समिट का भव्य आयोजन किया। यह समिट भारत सरकार द्वारा फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 का आधिकारिक प्री-इवेंट रहा। इस अंतरराष्ट्रीय समिट ने उत्तर प्रदेश को भारत की एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी यात्रा का एक अहम केंद्र बना दिया है। समिट में भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और डेनमार्क से आए 70 से अधिक वैश्विक एआई, टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें पॉलिसीमेकर्स, इंडस्ट्री लीडर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, इन्वेस्टर्स और शिक्षाविदों की सक्रिय सहभागिता रही।

AI और क्वांटम पर गहन मंथन

समिट का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत की भूमिका, संभावनाओं और चुनौतियों पर व्यापक चर्चा करना रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले वर्षों में ये तकनीकें हेल्थकेयर, डिफेंस, गवर्नेंस और इंडस्ट्री को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती हैं।

भारत का पहला AI हेल्थकेयर हैकाथॉन

समिट का सबसे बड़ा आकर्षण भारत का पहला AI हेल्थकेयर हैकाथॉन रहा, जिसे चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने आयोजित किया। इस हैकाथॉन में देशभर से 1,500 से अधिक टीमों और 5,000 से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया। सरकार और इंडस्ट्री की ओर से हेल्थकेयर से जुड़े 100 से अधिक प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स दिए गए, जिन पर प्रतिभागियों ने एआई आधारित नवाचारी समाधान विकसित किए। गौरतलब है कि भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘हेल्थ एंड एआई’ की राष्ट्रीय थीम सौंपी है, जिससे राज्य की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

दो राष्ट्रीय पहलों की शुरुआत

इस मौके पर सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने “क्वांटम फॉर भारत” और “एआई फॉर ऑल” नामक दो राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि क्वांटम फॉर भारत का लक्ष्य क्वांटम कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना, नेक्स्ट-जेन टैलेंट तैयार करना और रिसर्च व स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। वहीं एआई फॉर ऑल मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एआई लिटरेसी विज़न को आगे बढ़ाते हुए युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगा।

यूपी को AI पावरहाउस बनाने की दिशा में कदम

समिट के दौरान रणनीतिक पॉलिसी डायलॉग और कई पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 उत्तर प्रदेश को भारत के एआई और क्वांटम पावरहाउस के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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