डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से सोमवार तड़के एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना की खबर सामने आई है। थाना हसनगंज क्षेत्र के अंतर्गत मोहान में स्थित स्वाद एग्रो इंडस्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई। इस हादसे में फैक्ट्री के अंदर रखा करोड़ों रुपये का तैयार और कच्चा माल जलकर खाक हो गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब तीन बजे फैक्ट्री से आग की लपटें उठने लगीं। उस समय फैक्ट्री में सन्नाटा था, लेकिन आग की तेज लपटों और धुएं के गुबार ने आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा दिया। धुएं का गुबार आसमान तक फैल गया, जिसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। स्थानीय लोगों ने जब आग की भयावहता देखी तो तुरंत इसकी सूचना अग्निशमन विभाग और पुलिस को दी।
कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया आग पर काबू
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाना आसान नहीं था, क्योंकि फैक्ट्री में ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद थी। फायर कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और काफी देर बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री से लगातार धुआं और लपटें निकलती रहीं, जिससे राहत कार्य में मुश्किलें आईं। स्वाद एग्रो इंडस्ट्री में सरसों तेल, पास्ता, मैक्रोनी, दलिया, आटा, बेसन, सोया बड़ी समेत कई खाद्य उत्पादों का निर्माण किया जाता है। आग की चपेट में आने से फैक्ट्री में तैयार माल के साथ-साथ भारी मात्रा में कच्चा माल भी पूरी तरह जल गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, हालांकि नुकसान का सटीक आकलन अभी किया जा रहा है।
शॉट सर्किट की वजह से आग लगने का अंदेशा
थाना प्रभारी शरद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही और आग बुझने के बाद फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण किया गया। प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन से भी घटना की जानकारी ली है। वहीं, आग लगने की इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि आग से हुए नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।