डिजिटल डेस्क- ताजनगरी आगरा से गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल के परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया और उसके साथ ही सामूहिक रूप से राष्ट्रगान भी गाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने इस कार्य को अंजाम दिया। महासभा का दावा है कि साल 1632 में ताजमहल का निर्माण शुरू होने के बाद से आज तक इसके मुख्य परिसर में कभी तिरंगा नहीं फहराया गया था। संगठन ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह देश की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हिंदू महासभा के सदस्य तिरंगा थामे हुए और “जन गण मन” गाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और स्थानीय पुलिस प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई। प्रशासन ने तुरंत इस घटना की जांच शुरू कर दी है।
ताजमहल में झंडा और राजनीतिक गतिविधियों पर है प्रतिबंध
ताजमहल परिसर की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जिम्मे है। परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के झंडे लगाने या धार्मिक-राजनीतिक गतिविधियों पर सख्त पाबंदी है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हिंदू महासभा के पदाधिकारी अंदर तिरंगा लेकर कैसे पहुंचे। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि वीडियो में दिखाए गए दृश्य परिसर के किस हिस्से के हैं और इस पूरी घटना के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि भारत के सर्वोच्च स्मारक पर गणतंत्र दिवस के दिन तिरंगा फहराना हर नागरिक का अधिकार है। उनका कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ताजमहल के इतिहास में एक नई शुरुआत करना और देशभक्ति की भावना को प्रदर्शित करना है। पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यह किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ का प्रयास नहीं था, बल्कि इसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में किया गया।
वायरल वीडियो के आधार पर पहचान शुरू
प्रशासनिक जांच के दौरान इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ। CISF ने भी मामले में संज्ञान लिया है और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए टीम गठित की है। साथ ही पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पुष्टि करने और संबंधित लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना ने देशभर में बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां कुछ लोग इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई सुरक्षा विशेषज्ञ और पुरातत्व अधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक स्मारक की सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा है। आगरा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच पूरी की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।