शिव शंकर सविता- कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में दर्ज गैंगरेप केस में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं। घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस फरार आरोपी दरोगा अमित मौर्या को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच आरोपी दरोगा द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए जा रहे वीडियो और पत्रों ने पूरे मामले को और विवादित बना दिया है। इस मामले में पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दूसरा आरोपी, जो खुद पुलिस विभाग से जुड़ा रहा है, अब भी फरार है। आरोपी दरोगा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए खुद को निर्दोष बताया है और कहा है कि उसे झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उसने दावा किया कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है और उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।
दारोगा द्वारा लिखित पत्र भी हो रहा वायरल
आरोपी द्वारा लिखा गया एक प्रार्थना पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने मुख्यमंत्री और कानपुर पुलिस कमिश्नर से न्याय की मांग की है। पत्र में आरोपी ने कहा है कि वह कानून में भरोसा रखता है और निष्पक्ष जांच चाहता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर बयान देने के बजाय आरोपी को कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस इस मामले में किसी भी दबाव में नहीं है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस की टीमें कई जगहों पर दबिश दे रही हैं।

जल्द गिरफ्तारी नहीं तो बढ़ाई जा सकती है इनामी राशि
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यदि आरोपी जल्द गिरफ्तार नहीं होता है तो उसके खिलाफ इनाम बढ़ाने, कुर्की की कार्रवाई और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने यह भी साफ किया कि कानून से भागना आरोपी के खिलाफ सबूत माना जा सकता है। सचेंडी रेप कांड को लेकर इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है फरार दरोगा को जल्द गिरफ्तार कर मामले की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का जवाब देना।