डिजिटल डेस्क- कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की महिलाओं, बहनों और बेटियों के लिए सशक्तिकरण का मजबूत आधार है, जो उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी देगा। बेबी रानी मौर्य ने कहा कि यह अधिनियम भारतीय लोकतंत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके माध्यम से महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्धारण की प्रक्रिया में भागीदार बनाया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीति की निर्माता बनाने का यह एक बड़ा कदम है।
विस और लोस में महिलाओं को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण
उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम है, लेकिन इस कानून के लागू होने से यह स्थिति तेजी से बदलेगी। मंत्री ने कहा कि महिलाओं का नेतृत्व केवल सामाजिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनके अनुसार, जब महिलाओं को निर्णय लेने का अवसर मिलता है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जिससे समाज का समग्र विकास होता है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से देश की अर्थव्यवस्था में तेज वृद्धि संभव है और भारत 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
उज्जवला योजना के तहत देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मिले कनेक्शन
बेबी रानी मौर्य ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनसे महिलाओं को सीधे लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है। साथ ही कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी कई अहम कदम उठाए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए यह विधेयक लाया गया है। यह सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें महिला शक्ति को नए भारत की सबसे बड़ी ताकत माना गया है। मंत्री ने कहा कि “विकसित भारत 2047” का सपना महिलाओं की भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी समाज मजबूत होगा और समाज की मजबूती से राष्ट्र का निर्माण होगा।