डिजिटल डेस्क- लखनऊ से उत्तर प्रदेश की राजनीति को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने आज समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की औपचारिक सदस्यता दिलाई और स्वागत किया। इस मौके पर पार्टी कार्यालय में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा में शामिल होना प्रदेश की सियासत में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। वह बसपा शासनकाल में प्रभावशाली मंत्री रहे हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका अनुभव और जनाधार आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
तीन बार के विधायक अनीस भी चढ़े सपा की साइकिल में
इस अवसर पर अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की। तीन बार विधायक रह चुके अनीस अहमद का अपने क्षेत्र में खासा प्रभाव माना जाता है। इसके अलावा कई पूर्व विधायकों और स्थानीय नेताओं ने भी साइकिल की सवारी शुरू कर दी, जिससे सपा खेमे में उत्साह का माहौल देखा गया। कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी विचारधारा से प्रेरित होकर कई अनुभवी नेता पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बदलाव की लहर है और जनता भाजपा सरकार से निराश है। अखिलेश ने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में समाजवादी पार्टी मजबूती से मैदान में उतरेगी और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और तेज करेगी।
2027 की तैयारियों को दी जा रही धार
राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ देने वाला एक और बड़ा नाम रहा राजकुमार पाल, जो अपना दल (एस) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका सपा में शामिल होना गठबंधन राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे पूर्वांचल और कुछ अन्य क्षेत्रों में सपा को नई मजबूती मिल सकती है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सदस्यता ग्रहण करने के बाद कहा कि उन्होंने विचारधारा और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सामाजिक समरसता और विकास के लिए सपा ही सही विकल्प है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और भी बड़े चेहरे पार्टी से जुड़ सकते हैं।