डिजिटल डेस्क- जिले में सरकारी और तालाब की जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब जुर्माना वसूली शुरू कर दी है। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। न सिर्फ अवैध निर्माण ढहाए जाएंगे, बल्कि दोषियों से भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा। तहसील प्रशासन द्वारा असमोली क्षेत्र के सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर और राया बुजुर्ग गांवों में की गई कार्रवाई के बाद कुल 75 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने इन जुर्मानों की वसूली के आदेश भी जारी कर दिए हैं। तय समयसीमा में राशि जमा नहीं करने पर आरसी जारी कर जबरन वसूली की चेतावनी दी गई है।
अलग-अलग मस्जिदों मे लगा अलग जुर्माना
तहसीलदार ने बताया कि सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर गांव में सरकारी जमीन पर बनी मदीना मस्जिद को ध्वस्त किया गया था। इस मस्जिद की इंतजामिया कमेटी पर 9 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, उसी जमीन पर अवैध रूप से संचालित मदरसे की कमेटी पर 51 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है। इसके अलावा राया बुजुर्ग गांव में सरकारी तालाब की भूमि पर कब्जा कर बनाई गई गोसुलबरा मस्जिद की कमेटी पर 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी गांव में बने एक अवैध मैरिज हॉल के संचालक पर 6.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तालाब की जमीन पर मकान बनाने के आरोप में अबरार, असरार और बाबू पर कुल 1.04 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आगे भी इसी तरह की कार्रवाइयां रहेंगी जारी
प्रशासन के अनुसार, सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में 4 जनवरी को मस्जिद और मदरसे पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। वहीं, राया बुजुर्ग गांव में 2 अक्टूबर को मस्जिद और बारातघर पर और 6 जनवरी को अवैध मकानों पर बुलडोजर चला था। तहसीलदार ने बताया कि आगे भी सरकारी जमीन पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।