डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव कोलकी राघड़ में पंचायत के नाम पर तीन युवकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि गांव के प्रधान रजत राणा ने पंचायत बुलाकर मुकीम, साहिल और सलमान नाम के युवकों का सिर मुंडवाया और भरी सभा में जूतों से पिटवाया। जानकारी के मुताबिक, मामला एक नाबालिग युवती के घर से चले जाने से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने इन तीनों युवकों पर उसे भगाने का आरोप लगाया था और पुलिस में मामला दर्ज कराया गया था, जिसमें पॉक्सो एक्ट भी शामिल किया गया। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान युवती को शहर से बरामद कर लिया गया और यह भी सामने आया कि आरोपी युवक अपने-अपने घरों पर ही मौजूद थे, लेकिन वे युवती के संपर्क में जरूर थे।
समझौता कराने के बहाने पार की गई इंसानियत की सारी हदें
इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी थी, लेकिन इसी बीच गांव में अलग से पंचायत बुला ली गई। पंचायत में कथित तौर पर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की बात कही गई, लेकिन यह ‘समझौता’ कानून की सीमाओं को पार करता नजर आया। पंचायत के दौरान युवकों का सिर मुंडवाकर उन्हें जूतों से पिटवाया गया। इतना ही नहीं, शमीम नाम के एक अन्य ग्रामीण के साथ भी मारपीट की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि प्रधान रजत राणा को गांव में दबंग छवि वाला व्यक्ति माना जाता है और वह पहले भी विवादों में रह चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर पंचायतों की मनमानी और कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच में जुटी पुलिस
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में युवकों के साथ की गई अमानवीय हरकतें साफ देखी जा सकती हैं। वीडियो वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती, चाहे वह कोई भी हो। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।