डिजिटल डेस्क- हिन्दू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश में सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। संगठन ने उत्तर प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई को असंवैधानिक, एकपक्षीय और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पिंकी चौधरी को गिरफ्तार कर गाजियाबाद की अदालत में पेश किए जाने के बाद जेल भेजे जाने से हिन्दू रक्षा दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। गाजियाबाद में सामने आए इस घटनाक्रम के बाद संगठन ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई एक सामाजिक कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला है। हिन्दू रक्षा दल के जिला अध्यक्ष, कानपुर नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि पिंकी चौधरी लंबे समय से सनातन धर्म, गौ-सेवा और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि समाजसेवी संगठनों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता को अपराधी की तरह पेश करना औचित्यहीन
नीरज श्रीवास्तव ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रदेश में कानून का राज है, तो फिर एक सामाजिक कार्यकर्ता को अपराधी की तरह पेश करने का औचित्य क्या है। उन्होंने मांग की कि सरकार और प्रशासन यह स्पष्ट करें कि पिंकी चौधरी की गिरफ्तारी किन ठोस आधारों पर की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई, तो हिन्दू रक्षा दल संविधान के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक और विधिसम्मत विरोध करेगा। वहीं, हिन्दू रक्षा दल महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष रीना मिश्रा ने भी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली तत्व सत्ता और प्रशासन के भीतर बैठकर सनातन विचारधारा से जुड़े संगठनों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बना रहे हैं। रीना मिश्रा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग स्वयं को सनातन का हितैषी बताते हैं, वही असली सनातन रक्षकों के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग की
संगठन का कहना है कि जब प्रदेश में हिंदुत्व की विचारधारा को समर्थन देने वाली सरकार सत्ता में है, तब हिन्दू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की इस तरह गिरफ्तारी कई सवाल खड़े करती है। संगठन ने इसे प्रशासनिक दबाव या राजनीतिक कारणों से प्रेरित कार्रवाई बताया है। हिन्दू रक्षा दल ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका संगठन किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं है और केवल सनातन धर्म, गौ-सेवा और राष्ट्रहित के लिए कार्य करता है। हिन्दू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही पिंकी चौधरी को शीघ्र न्याय दिलाने की अपील की गई है। संगठन ने यह भी कहा है कि यदि न्याय प्रक्रिया में देरी या पक्षपात हुआ, तो कार्यकर्ता अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध करने के लिए मजबूर होंगे।