डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से चिकित्सा लापरवाही का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के प्रतिष्ठित एरा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान एक महिला के पेट में सर्जिकल सामान छोड़ दिया, जिससे पीड़िता को महीनों तक असहनीय दर्द झेलना पड़ा। पीड़िता का आरोप है कि दर्द की शिकायत करने के बावजूद डॉक्टरों ने मामले को नजरअंदाज किया और केवल दर्द निवारक दवाएं देकर उसे टालते रहे। अंततः दूसरे अस्पताल में जांच कराने पर सच्चाई सामने आई। कोर्ट के आदेश पर अब इस मामले में एरा अस्पताल के डॉक्टरों और मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
2023 का है मामला
यह मामला वर्ष 2023 का बताया जा रहा है। पीड़िता रूपा शर्मा सिंह पेट दर्द की शिकायत लेकर एरा अस्पताल पहुंची थीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद 5 जनवरी 2023 को ऑपरेशन की सलाह दी। इसके बाद 15 फरवरी को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और 27 फरवरी 2023 को ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही महिला को तेज दर्द और टांकों में परेशानी शुरू हो गई। हालात बिगड़ने पर 17 मार्च को महिला का दोबारा ऑपरेशन किया गया, लेकिन इसके बावजूद दर्द कम नहीं हुआ। पीड़िता का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद डॉक्टरों ने दर्द को सामान्य बताकर केवल दवाइयां दीं। हालत में कोई सुधार न होने पर दोबारा जांच कराई गई, जिसमें कथित तौर पर पेट के अंदर सर्जिकल सामान होने के संकेत मिले, लेकिन आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने इस रिपोर्ट को दबाने की कोशिश की। रिपोर्ट पर संदेह होने के बाद पीड़िता के परिवार ने चरक अस्पताल में जांच कराई, जहां स्पष्ट रूप से पेट में सर्जिकल सामान होने की पुष्टि हुई।
इलाज के नाम पर वसूले 5 लाख
इसके बाद 20 अगस्त 2023 को महिला का तीसरी बार ऑपरेशन किया गया, जिसमें पेट के अंदर छोड़ा गया सर्जिकल सामान निकाला गया। पीड़ित परिवार का दावा है कि इस पूरे इलाज के नाम पर एरा अस्पताल ने करीब पांच लाख रुपये वसूले। लगातार शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलने के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने भी शुरुआत में मामला दर्ज नहीं किया। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने अदालत का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर ठाकुरगंज थाना पुलिस ने एरा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में अस्पताल के मालिक मोहसिन अली खान और मीमस अली खान सहित कुल 13 डॉक्टरों के नाम शामिल हैं। जिन डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें डॉ. फरजाना, डॉ. जमाल मोहम्मद, डॉ. आयुष वर्मा, डॉ. सुमन, डॉ. नूपुर, असिस्टेंट जेआर डॉ. श्रीतिया कसवी, कंसल्टेंट डॉ. अहमद अंसारी, डॉ. ओसमान मूसा हिंगोरा, डॉ. वकार, डॉ. सिद्दीकी, डॉ. पृथ्वी, डॉ. कृष्ण और डॉ. सुरजीत बसु शामिल हैं।