डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए चर्चित किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस की कार्रवाई का दायरा बढ़ते हुए मेरठ तक पहुंच चुका है। इसी बीच इस मामले में एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है। वायरल वीडियो में मुख्य आरोपी अफजल कथित तौर पर किडनी ट्रांसप्लांट के बदले मिले 22 लाख रुपये की गड्डियों के साथ नजर आ रहा है। वीडियो में वह बिस्तर पर बैठा हुआ है और उसके साथ उसका एक साथी भी दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी है और इसे अहम सबूत के तौर पर देखा जा रहा है।
लंबे समय से सक्रिय था गिरोह
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई छोटा गिरोह नहीं बल्कि एक संगठित मेडिकल नेटवर्क है, जिसमें कई शहरों के लोग जुड़े हुए हैं। इस रैकेट में वैभव, रोहित, नवीन पांडेय और दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अली (जिसे सर्जरी करने वाला बताया जा रहा है) जैसे नाम सामने आए हैं। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट कर मोटी रकम वसूल रहा था। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मेड लाइफ अस्पताल के मालिक रोहन और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया है। दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके ऑपरेशन के तरीके का खुलासा हो सके।
लगातार जारी है छापेमारी
इस बीच दिसंबर महीने में हुए एक और संदिग्ध किडनी ट्रांसप्लांट का मामला भी सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि लंबे समय तक बिना किसी ठोस कार्रवाई के कैसे चलती रही। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रयागराज, वाराणसी और अन्य शहरों में भी इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह की जड़ तक पहुंचने और इसमें शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है।